वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आदर्श गांव जयापुर जल्द ही विलेज टूरिज्म का हॉट डेस्टिनेशन बनेगा। देश-विदेश के सैलानी यहां आएंगे और भारत के आदर्श ग्रामीण परिवेश से रूबरू होंगे। गांव में पर्यटन विकास की संभावनाएं तलाशने देश के कई बड़े टूर ऑपरेटर्स रविवार को जयापुर पहुंचे। नामचीन टूर एवं ट्रैवेल्स कंपनियों के प्रतिनिधियों और टूरिस्ट गाइड्स ने गांव का भ्रमण कर वहां हुए विकास कार्यों को देखा। गांव के लोगों से मिले और बदलाव की बयार के बीच संरक्षित गंवई संस्कृति के बारे में जानकारी ली। टूर एंड ट्रैवेल्स कंपनियों के पीएम के गांव में रुचि लेने से वहां पर्यटन विकास की संभावनाओं को बल मिला है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे टूरिस्ट वेलफे यर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा, ‘गांव की सड़कें थोड़ी और चौड़ी हो जाएं और एक रेस्तरां खुल जाए तो जयापुर विलेज टूरिज्म का हॉट फेवरिट डेस्टिनेशन बन जाएगा। बनारस आने वाले कई विदेशी सैलानी गांव घूमना चाहते हैं। फिलहाल हमारी सिटी टूर की सूची में सारनाथ के पास का एक गांव है।’ एसोसिएशन से जुड़े प्रवीण मेहता ने कहा कि हम
सैलानियों को जयापुर लेकर आना चाहते हैं। उन्हें भारत के गांवों की नई छवि दिखाना चाहते हैं। यह बताना चाहते हैं कि बुनियादी सुविधाओं से लैस गांव में आज भी सभ्यता और संस्कृति के बहुत मायने हैं। टूर कंसल्टेंट और मनी एक्सचेंज कंपनी आरजे ट्रेडविंग्स के स्थानीय प्रतिनिधि अजय सिंह ने कहा कि जयापुर में नंद घर, कन्या पाठशाला, अटल नगर ये ऐसे स्थान हैं जो सैलानियों को आकर्षित करेंगे। इनके अलावा बुनकर केंद्र और कुम्हार बस्ती भी सैलानी जाना चाहेंगे। मिट्टी के बर्तन बनाने की कला लुप्त हो रही
है मगर विदेशी सैलानी इसे देखना चाहते हैं। इसी तरह कालीन और साड़ी बुनाई भी देखना चाहते हैं। जयापुर में सब कुछ एक जगह पर है। यही कारण है कि टूरिज्म से जुड़ी देश की बड़ी कंपनियां साइट सीन अथवा सिटी टूर में जयापुर को शामिल करने पर विचार कर रही हैं।