महादेव की नगरी काशी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। घरों से लेकर मंदिरों में शुक्रवार से दो दिवसीय बधाई गीतों के साथ विभिन्न कार्यक्रमाें की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। दो दिवसीय महापर्व में भजन-कीर्तन के साथ रासलीला, शोभायात्रा और भंडारा आयोजित होगा। मंदिरों और घरों में आधी रात 12 बजे भगवान का जन्म होगा। मंदिरों में भगवान का फूलों से शृंगार और उनका दूध, दही व माखन से अभिषेक किया जाएगा। चांदी के कलश से बाल गोपाल का 51 द्रव्यों से महाभिषेक होगा।
भेलूपुर स्थित इस्कॉन मंदिर में मंदिर अध्यक्ष अच्युत मोहन दास के नेतृत्व में पांच सितंबर तक चार दिवसीय जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। बुधवार को शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा बृहस्पितवार को समाप्त होगी। शुक्रवार और शनिवार की शाम 6 से रात 11 बजे तक आईआईटी बीएचयू के 20 पूर्व छात्रों का विशुद्ध बैंड कीर्तन एवं भजन की प्रस्तुति देगा। 24 घंटे अखंड महामंत्र संकीर्तन चलेगा। इसके साथ ही 51 द्रव्यों से कलश महा-अभिषेक, दो क्विंटल शुद्ध घी के हलवे का वितरण, 108 व्यंजनों का महाभोग और 5 सितंबर को नंदोत्सव व प्रभुपाद आविर्भाव दिवस के साथ विशाल भंडारा आयोजित होगा। मंदिर के महंत मुरारी गुप्त दास ने बताया कि शुक्रवार की रात चांदी के कलश से भगवान का 51 प्रकार के द्रव्य से अभिषेक किया जाएगा। इसे श्रद्धालुओं में प्रसाद स्वरूप बांटा जाएगा।
उधर, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, इस्कॉन मंदिर, माहेश्वरी भवन, आदिकेशव मंदिर, शृंगेरी मठ, स्वामी नारायण मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, बालाजी मंदिर, मणि मंदिर, चैतन्य महाप्रभु मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों और बरेका परिसर, सभी थानों आदि में भव्य रूप से जन्माष्टमी मनाई जाएगी।