कुछ वर्षों में स्थिति यह हो गई थी कि जन्माष्टमी के उत्सव में काशी वासियों की सहभागिता नाम मात्र की रह गई थी। महंत आवास टेढ़ी नीम मोहल्ले में स्थानांतरित हो जाने के बाद से एक बार पुन: काशी वासियों को बिना किसी बाधा के बाबा के लोक उत्सवों में सम्मिलित होने का अवसर मिलने लगा है।
शिव की नगरी काशी में नटवर नागर के जन्मोत्सव का उल्लास जन-जन में बिखरने लगा है। मठ-मंदिरों के साथ ही पुलिस लाइन में भी जन्माष्टमी की धूम है। भगवान मध्य रात्रि में जन्म लेंगे और बाबा की नगरी पूरी तरह से कान्हा के रंग में रंग जाएगी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जहां लड्डू गोपाल ने शिव का स्वरूप धारण किया है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास इस्कॉन मंदिर के साथ ही माहेश्वर भवन में भी नजर आएगा। अन्य मंदिरों में खासकर गोपाल मंदिर चौखंभा में जन्मोत्सव की खास तैयारियां की गई हैं। मध्य रात्रि में श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही उल्लास का रंग परवान चढ़ेगा।