इसके बाद भगवान शिव ने उनको यह वरदान दिया कि यह शिवलिंग दुर्लभ होगा और इसके दर्शन-पूजन से मनुष्य की हर कामना पूरी होगी। इसके बाद से हर साल शिवलिंग में वृद्धि होती है। मंदिर की गुफा का कोई अंत नहीं है।
एक बार इस गुफा की खुदाई की गई तो इतने विषधर निकलने लगे कि गुफा को बंद करना पड़ा। मंदिर के महंत स्वामी मधुर कृष्ण ने कहा कि अगर कोई इस शिवलिंग का तीन साल या तीन महीने ही दर्शन कर ले तो उसके सारे कष्ट दूर होने के साथ मनोकामनाएं भी पूरी हो जाती हैं।