फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशी में है अनोखा शिवालय, महाशिवरात्रि पर जौ बराबर बढ़ जाता है मंदिर में स्थापित शिवलिंग

Wed, 24 Jul 2019 03:59 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
सिद्धपीठ श्री जागेश्वर महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

यूं तो काशी के कण-कण का अपना महात्म्य है पर यहां के शिव मंदिरों की महिमा अपरंपार है। जी हां, बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ की नगरी में एक लिंग ऐसा भी है जो हर महाशिवरात्रि पर जौ के बराबर बढ़ जाता है। वह है ईश्वरगंगी स्थित सिद्धपीठ श्री जागेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग। 

विज्ञापन


सावन में जागेश्वर महादेव के दर्शन, पूजन और रुद्राभिषेक का खास महत्व है। मान्यता है कि भगवान शिव यहां माता पार्वती के साथ विराजते हैं। यही वजह है कि यहां हर समय श्रद्धालुओं की कतार लगी रहती है।

मंदिर के महंत स्वामी मधुर कृष्ण ने बताया कि यहां की मान्यता है की शिवलिंग के दर्शन, स्पर्श व पूजन से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। स्कंदपुराण काशी खंड के अनुसार जिस समय भगवान शिव काशी छोड़कर मंदराचल चले गए थे तो जैगीषव्य ऋषि ने प्रण लिया था कि शिव के दर्शन के बाद ही जल की एक बूंद ग्रहण करूंगा।
विज्ञापन


इसके बाद उन्होंने मंदिर की गुफा में कठिन तपस्या शुरू कर दी। उनके दृढ़ योग से शिव प्रसन्न हो गए। उन्होंने नंदी को लीला कमल के साथ ऋषि के पास भेजा। कमल को स्पर्श करते ही मुनि का क्षीण शरीर फिर से स्वस्थ हो गया। जैगीषव्य ऋषि ने भगवान शिव से यह वरदान मांगा कि आप यहां के शिवलिंग में हमेशा उपस्थित रहें।

विज्ञापन

इसके बाद भगवान शिव ने उनको यह वरदान दिया कि यह शिवलिंग दुर्लभ होगा और इसके दर्शन-पूजन से मनुष्य की हर कामना पूरी होगी। इसके बाद से हर साल शिवलिंग में वृद्धि होती है। मंदिर की गुफा का कोई अंत नहीं है।

एक बार इस गुफा की खुदाई की गई तो इतने विषधर निकलने लगे कि गुफा को बंद करना पड़ा। मंदिर के महंत स्वामी मधुर कृष्ण ने कहा कि अगर कोई इस शिवलिंग का तीन साल या तीन महीने ही दर्शन कर ले तो उसके सारे कष्ट दूर होने के साथ मनोकामनाएं भी पूरी हो जाती हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें