वाराणसी। परिषदीय स्कूलों में केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा ही नहीं दी जाएगी बल्कि विद्यालय डिजिटल लर्निंग केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। इसके लिए स्कूल सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से डिजिटल अवस्थापना से संतृप्त किया जाएगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने इसके लिए वाराणसी व भदोही की 30 संस्थाओं को पत्र लिखकर स्कूलों को सहयोग देने की अपील की है।
सरकार परिषदीय स्कूलों के शैक्षणिक परिवेश में गुणात्मक वृद्धि के लिए कार्य कर रही है। इसके लिए डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना है। शिक्षकों के शैक्षिक प्रयासों को तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए विद्यालय डिजिटल लर्निंग केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। ऐसे में समुदाय की मदद ली जाएगी। जिसके लिए विद्यालय में कंप्यूटर, प्रोजेक्टर यूनिट, स्मार्ट टीवी आदि का प्रबंध किया जाएगा। जिससे छात्र दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारित होने वाले शिक्षण सामग्री देख सकें। सामुदायिक सहयोग से परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा। विद्यालय हाईटेक बनाए जाएंगे और तकनीकी की मदद से छात्र स्मार्ट बनेंगे। निजी स्कूलों की तरह ही यहां की व्यवस्थाएं रहेंगे, जिसका विद्यार्थी लाभ ले सकेंगे।
इन संस्थाओं से की अपील
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक व सहभागी शिक्षण केंद्र, गेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, रोटरी क्लब वाराणसी, अवादा पावर, कोका कोला इंडिया, रूम टू रीड, एचडीएफसी अरगो, जन सेवा कल्याण संस्थान भदोही, यूनियन बैंक, केनरा बैंक, उद्योग बंधु, ताज होटल, सूर्या होटल, जलांस ग्रुप, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सोनाटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी, फेडरर बैंक, केया यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एंड्रा इंडिया, तरुण चाइल्ड एंड वूमेन डेवलपमेंट सोसाइटी भदोही, इलाहाबाद बैंक, काशी गोमती ग्रामीण बैंक, आईसीआईसी बैंक, व्यापार मंडल, रमाडा ग्रुप्स ऑफ होटल, होटल इंटरनेशनल से डीएम ने स्कूलों को स्मार्ट बनाने में सहयोग की अपील की है।
बेसिक शिक्षा विभाग दूरदर्शन और आकाशवाणी पर पाठ्यक्रम आधारित शिक्षण सामग्रियों का प्रसारण करा रहा है। इसके अलावा यूट्यूब चैनल व वेबसाइट है, जिस पर कक्षा एक से आठ तक के छात्रों के लिए ई कंटेंट उपलब्ध है। इनका प्रयोग विद्यालय में किया जाएगा। इसको लेकर प्रबंध किए जा रहे हैं। - राकेश सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी