फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिव की नगरी काशी में इटली की कलाकार गढ़ रही मां काली की मूरत

Wed, 04 Jul 2018 05:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
मोजाइक चित्र और बाइजेंटाइन शैली में मूर्त लेंगी मां काली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
इटली की एक महिला कलाकार काशी में मां काली की मूरत गढ़ रही हैं। शिव की इस नगरी में काशी के गंगा घाट किनारे मां काली को मूर्त रूप देने में ये कलाकार पूरे मनोयोग से लगी हुई हैं। मां काली के प्रति ये उनकी अगाध आस्था ही है जो उन्हें सात समंदर पार यहां ले आई है।
विज्ञापन


मां की ये मूरत जितनी खास है, उतनी ही खास वो शैली है, जिसमें उन्हें गढ़ा जा रहा है। इटली की खास मोजाइक शैली में इस कृति को मूर्त रूप दिया जा रहा है। नारद घाट पर इस कृति को स्थापित कर वो काशी को ये अनोखा भेंट देना चाहती हैं। 

नारद घाट पर बीते दो महीने से इटली की महिला कलाकार सारा गुबेरती इस खास कृति को बनाने का काम कर रही है। काशी को उपहार स्वरूप अपनी ये कलाकृति समर्पित करने लिए सारा रोजाना घंटों मेहनत कर रही हैं। अपने खर्चे से काशी में प्रवास कर मां काली की ये अप्रतिम मोजाइक शैली में इस कृति को बनाने का काम कर रही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

मडोना के प्रति मेरी गहरी आस्था

नारद घाट पर लगेगी सात बाई सात फीट की मां काली की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला

सात बाई सात फीट की ये कृति नारद घाट पर भित्ति में प्रस्थापित की जानी है जिसकी अनुमति तत्कालीन कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और नगर आयुक्त नितिन बंसल से ली जा चुकी है। सारा बताती हैं कि उन्हें काले रंग से बहुत प्रेम है।

जिस तरह ब्लैक मडोना के प्रति मेरी गहरी आस्था है, ठीक उसी तरह मां काली में भी। सारा का कहना है कि हर देवी का स्वरूप काला ही है। यही वजह है कि उन्होंने काशी में मां काली की ये मूरत बना रही है।

मोजाइक शैली में बन रही इस कृति के बारे में बताती हैं कि बाइजेंटाइन शैली के मोजाइक चित्र इटली की विशेष शैली है। पुराने गिरजाघर इसी शैली में बनाए जाते रहे हैं। जिन मोजाइक से वो ये कृति बना रही हैं उसे भी वो इटली से लेकर आईं।

इसके लिए भी उन्हें काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। काशी में डॉ. शशिकांत नाग जो इनके सहयोग में लगे हैं, बताते हैं कि सारा का काम अब अंतिम दौर में है। वो चाहती हैं इस कृति को नारद घाट पर दुर्गापूजा के दौरान स्थापित किया जाए।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें