भाजपा नेता और उसका बाजार नगर पंचायत अध्यक्ष हेमंत जायसवाल के आवास और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति आयकर विभाग के हाथ लगी है।
मंगलवार रात करीब दो बजे तक चली जांच के बाद टीम ने सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। खातों से लेन-देन पर रोक लगाते हुए रिकॉर्डों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। वाराणसी के आयकर अपर निदेशक जांच अभय कुमार ठाकुर के निर्देशन में चल रही।
आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार की सुबह आठ बजे उसका बाजार नगर पंचायत अध्यक्ष के आवास पर छापा मारा था। आवास के अलावा दफ्तर, डुमरियागंज स्थित गैस एजेंसी, भड़रिया और उसका में पेट्रोल पंप, शोहरतगढ़ में शराब की दुकान पर एक साथ धमकी अलग-अलग टीमों ने सभी रिकॉर्ड जब्त कर लिए।
कड़ी सुरक्षा के बीच रात करीब दो बजे तक टीम सभी रिकॉर्डों की जांच में जुटी रही। टीम ने भाजपा नेता और उनके परिवार के सभी सदस्यों की आय और उनके नाम पर मौजूद संपत्ति के विवरण खंगाले।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कई ऐसी संपत्तियों के विवरण टीम के हाथ लगे हैं, इनका आईटीआर में कोई उल्लेख नहीं था। इसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। फिलहाल, टीम ने सभी रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। गोरखपुर आयकर के एडिशनल कमिश्नर डॉ. अजय कुमार शुक्ल के मुताबिक यह अभी प्रारंभिक जांच थी।
इसमें 10 करोड़ की अघोषित संपत्ति सामने आई है। आवास और पांचों प्रतिष्ठानों से सभी रिकॉर्ड, कंप्यूटर, लैपटॉप जब्त करते हुए रिकॉर्डों की नए सिरे से छानबीन शुरू कर दी गई है। गोरखपुर के अलावा वाराणसी, इलाहाबाद और लखनऊ की टीमों को जांच में लगाया गया है।