दोस्त के पेटीएम एकाउंट में मंगवाए रुपये
राशिद ने आईएसआई एजेंट्स से जुलाई 2019 में अपने एक दोस्त के पेटीएम एकाउंट में पांच हजार रुपये मंगवाए थे। इसके बाद ये रुपये अपनी मां के खाते में ट्रांसफर कर एटीएम से निकाले थे। जांच कर रही एटीएस की टीम राशिद के उस दोस्त से भी पूछताछ कर रही है कि आखिरकार उससे क्या कह कर पाकिस्तान से रुपये मंगवाए गए थे। राशिद के पासपोर्ट और पुराने वीजा की भी जांच की जा रही है। राशिद कब-कब पाकिस्तान गया, इसका ब्योरा जुटाया गया है। वहीं, भारतीय सिम की मदद से आईएसआई एजेंट्स ने जिन व्हाट्स ग्रुप में राशिद को जोड़ा था, उनकी भी पड़ताल की जा रही है।
गणतंत्र दिवस के मद्देनजर जारी हाई अलर्ट के बीच बड़ी सफलता
गणतंत्र दिवस के मद्देनजर शीर्ष सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने की चेतावनी स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी है। इससे पहले राशिद की गिरफ्तारी एटीएस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार राशिद की गिरफ्तारी के बाद उससे जुड़े लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करने में आसानी होगी।
इन सवालों के जवाब चाहिए एटीएस को
- कितने स्थानों और सैन्य अड्डों की रेकी कर फोटो/वीडियो पाकिस्तान भेजे गए।
- कितनी बार फोटो/वीडियो भेजने के बदले रुपये और गिफ्ट मिले।
- किस स्थान और सैन्य अड्डों की फोटो/वीडियो भेजने के लिए आईएसआई एजेंट्स ने कहा था।
- इस काम में कितने और लोग शामिल हैं। कितने लोगों ने मदद की या मदद करने की पेशकश की।
- आईएसआई एजेंट्स ने भारत में किससे मिलने के लिए कहा था और किन व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ा था।