गठित टीम ने की पूरी जांच
बोर्ड स्तर पर उच्च स्तरीय समिति गठित कर प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षणाधीन उप निरीक्षक/ प्लाटून कमांडर पीएसी के फिंगर प्रिंट मिलान की कार्रवाई की गई। समिति की ओर से प्रशिक्षणरत घनश्याम जायसवाल का बोर्ड स्तर पर फिंगर प्रिंट प्राप्त किया गया।
उसका मिलान ऑनलाइन लिखित परीक्षा और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, शारीरिक मानक परीक्षण (डीवी/पीएसटी) के समय लिए गए फिंगर प्रिंट से कराने के लिए 13 अक्तूबर 2023 को फिंगर प्रिंट ब्यूरो, लखनऊ को भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार, घनश्याम जायसवाल के भर्ती बोर्ड स्तर पर लिए गए फिंगर प्रिंट और ऑनलाइन लिखित परीक्षा व डीवी/पीएसटी के समय लिए गए फिंगर प्रिंट में असमानता मिली।
जांच में पाया गया कि घनश्याम जायसवाल ऑनलाइन लिखित परीक्षा में खुद शामिल नहीं हुआ था। उसके स्थान पर सॉल्वर ऑनलाइन लिखित परीक्षा में शामिल हुआ था। इसे लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ के इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार की तहरीर पर घनश्याम जायसवाल के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना सहित अन्य आरोपों के तहत लखनऊ के हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मिर्जामुराद थानाध्यक्ष सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विवेचना और आगे की कार्रवाई के लिए मुकदमा मिर्जामुराद थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है।