पूर्व सीएमएस डॉ. दिग्विजय सिंह ने निर्माण के दौरान ही मानकों की अनदेखी पकड़ी थी और एक आंतरिक जांच टीम गठित की थी, जिसे बाद में तकनीकी पेचीदगियों के कारण उच्च स्तरीय जांच के लिए भेजा गया।
लैब के निर्माण में लापरवाही की शिकायत पर शासन से आईआईटी की टीम को निर्देशित किया गया है। लैब की मजबूती और मानकों की जांच विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। रिपोर्ट आने पर निर्माण में कोई भी कमी पाई गई या मानकों से समझौता पाया गया, तो कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। - एनडी शर्मा, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण।