डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि कोतवाली निरीक्षक दयाशंकर सिंह की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आदित्य ने बताया कि वह करीब सात–आठ साल से श्रीस्वास्तिक फार्मा चला रहा है। शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल ने शैली ट्रेडर्स के नाम से कम्पनी रांची (झारखंड) में खोली थी, जिसकी देखरेख शुभम और उनके पिता करते थे।
लगभग दो वर्ष पहले शुभम जायसवाल ने आपराधिक षडयंत्र के तहत फर्जी टैक्स इनवॉइस और ई-बिल बनाने के लिए फर्म खोली थी, ताकि फेंसीडिल कफ सिरप को कागजों में दिखाकर उसकी सप्लाई कई अन्यत्र कर अधिक लाभ में बेचा जा सके। इसी योजना में एक फर्म शिव इंटर प्राइजेज थी, जिसमें नकद जमा करने का काम आदित्य को सौंपा गया।
अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल।
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डीसीपी क्राइम ने बताया कि आर्थिक लाभ के उद्देश्य से आदित्य अपनी फर्म श्रीस्वास्तिक फार्मा के कामों के साथ फेंसीडिल कफ सिरप का फर्जी टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर शिव इंटर प्राइजेज को देता था। इसके नकद पैसे आदित्य बैंक जाकर जमा करता था।
शाखा के बैंक प्रबंधक द्वारा भी इस लेन-देन की पुष्टि की गई। आदित्य को पहले से पता था कि शुभम और अन्य आरोपियों द्वारा काला बाजारी की जा रही है, और वह उनके साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से काम करता रहा। इस तरह करीब एक करोड़ रुपये नगद जमा किए गए, जिसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
आदित्य ने पुलिस को बताया कि शुभम उसके मौसी के बेटे हैं और भोला प्रसाद उनके मौसा हैं। उसने बताया कि वह पूरी तरह जानता था कि ये लोग प्रतिबंधित कफ सिरप का काला बाजारी कर रहे हैं। शुभम उन्हें कहता था कि सभी दस्तावेज पेपर पर होंगे और टैक्स जमा होगा, इसलिए डरने की जरूरत नहीं। इस पर आदित्य भी उनके साथ शामिल हो गया।
अमित सिंह टाटा और शुभम जायसवाल।
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राहुल यादव ने जमा किए साढ़े सात करोड़ नकद
कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में सरेंडर किए गए अन्य आरोपी राहुल यादव के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने साढ़े सात करोड़ रुपये नकद जमा किए हैं। राहुल ने शुभम जायसवाल के संपर्क में आकर विभिन्न बैंकों में यह पैसा जमा किया। आरोपी को रिमांड पर लेकर कोतवाली पुलिस पूछताछ करेगी।
कफ सिरप तस्करी प्रकरण : शिवा उर्फ शिवानंद हुआ कोर्ट में पेश, सौरभ त्यागी रहा गैरहाजिर
कफ सिरप तस्करी प्रकरण में सोमवार को विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट/14वां वित्त/फाइनेंस) मनोज कुमार की अदालत में रोहनिया पुलिस ने गाजियाबाद जेल से वारंट-बी के तहत आरोपी शिवा उर्फ शिवानंद को पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेजने का आदेश दिया।
इसी मामले में नामजद एक अन्य आरोपी सौरभ त्यागी अदालत में उपस्थित नहीं हो सका। थाना प्रभारी रोहनिया राजू सिंह ने बताया कि सौरभ त्यागी और उसके सहयोगी शिवा उर्फ शिवानंद के खिलाफ कफ सिरप तस्करी के मामले में रोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस के अनुसार, दोनों अभियुक्तों को वाराणसी कोर्ट में पेश कराने के लिए 11 दिसंबर को वारंट-बी जारी किया गया था।
अदालत ने पहली पेशी के लिए 16 दिसंबर की तिथि निर्धारित की थी, लेकिन अभियुक्तों के गैरहाजिर रहने पर अगली तिथि 3 जनवरी तय की गई। दोनों बार गैरहाजिर रहने पर अदालत ने 12 जनवरी को अनिवार्य रूप से पेश होने का आदेश दिया था। निर्धारित तिथि पर सोमवार को शिवा उर्फ शिवानंद अदालत में पेश हुआ, जबकि किसी कारणवश सौरभ त्यागी उपस्थित नहीं हो सका। अदालत ने शिवा उर्फ शिवानंद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सौरभ त्यागी के संबंध में आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।