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आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा, पुलिसकर्मियों के आत्महत्या करने के पीछे यह भी कारण

Sat, 13 Oct 2018 01:32 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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आईजी अमिताभ ठाकुर - फोटो : amar ujala
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सरकार के अन्य विभागों की अपेक्षा पुलिस में तनाव अधिक है। पुलिसकर्मियों की आत्महत्या की बढ़ी घटनाओं के लिए कार्यस्थल का तनाव भी काफी हद तक जिम्मेदार है। बनारस के सर्किट हाउस में शुक्रवार को ये बातें आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर ने पत्रकारों से कही।
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उन्होंने कहा कि अब यह पुलिस प्रशासन और सरकार की जम्मेदारी है कि ऐसे ठोस उपाय हों कि पुलिसकर्मी तनावग्रस्त न होने पाएं। पुलिस की ड्यूटी की समयावधि, उनकी सुविधाओं और उनके प्रति अधिकारियों के व्यवहार के बारे में गंभीरता से ध्यान देना होगा।

अमिताभ ठाकुर ने बताया कि बनारस आने का उद्देश्य यहां और आसपास के जिलों के नागरिक सुरक्षा के कार्यों का निरीक्षण करना था। इलाहाबाद में कुंभ मेले में नागरिक सुरक्षा के दो हजार से अधिक स्वयं सेवक और 20 अधिकारी लगाए जाएंगे।
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कुंभ मेले के लिए 150 स्वयंसेवकों को 11 एनडीआरएफ द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इलाहाबाद में कहा गया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो आसपास के अन्य जिलों के स्वयंसेवक भी भेजे जाएंगे। सिविल डिफेंस की वेबसाइट लॉन्च की गई है और इसके सहारे इससे युवाओं को जोड़ा जाएगा।

प्रदेश भर के वार्डन का डाटाबेस बनाया जा रहा है। लखनऊ में स्वयंसेवकों के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को दिया गया है और चंदौली जिले में जल्द ही नया कार्यालय खुलने जा रहा है। नागरिक सुरक्षा विभाग के लिपिक वर्ग के कर्मियों के प्रमोेशन का मसला भी शीर्ष प्राथमिकता में है और इसका समाधान जल्द कराया जाएगा।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने माना आवाज उनकी और नहीं दिया सैंपल

अमिताभ ठाकुर - फोटो : amar ujala
वर्ष 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा कॉल कर धमकाने के संबंध में दर्ज कराए गए मुकदमे को लेकर आईजी अमिताभ ठाकुर पहले की अपेक्षा शुक्रवार को ज्यादा मुखर नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि प्रकरण के विवेचक के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री ने मान लिया है कि आवाज उन्हीं की है और वाइस सैंपल देने से मना कर दिया।

विवेचक को पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उनका आशय धमकाने का नहीं बल्कि समझाने का था। विवेचक विवेचना पूरी होने के बाद अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेंगे। मामले में आगे की कार्रवाई कोर्ट द्वारा की जाएगी।
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