मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव की अदालत ने बैंक कर्मी महेश जायसवाल की हत्या के आरोप में सपा के पूर्व सांसद और शराब कारोबारी जवाहर जायसवाल व उनके बेटे गौरव जायसवाल को फरार घोषित किया है।
कोर्ट ने आदेश में कहा है कि आरोपियों के स्थायी-अस्थायी आवास और रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, कलेक्ट्रेट व कचहरी जैसे सार्वजनिक स्थलों पर उनके फरार होने की सूचना चस्पा कराई जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय समाचार पत्रों में भी फरार होने के आदेश का प्रकाशन कराया जाए।
अदालत में मामले के विवेचक इंस्पेक्टर कैंट राजीव रंजन उपाध्याय ने आवेदन देकर कहा कि जवाहर और गौरव की गिरफ्तारी का वारंट जारी है। दोनों आरोपी अपने सगे-संबंधियों के जरिये अपनी संपत्तियां हटा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश नहीं जारी है। ऐसे में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाए।
कोर्ट ने पत्रावली के अवलोकन के बाद आदेश में कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी की लेकिन दोनों आरोपी पकड़े नहीं जा सके। कोर्ट में दोनों आरोपियों के आत्मसमर्पण का आवेदन भी नहीं दाखिल है और इस संबंध में स्थगन आदेश भी नहीं है। ऐसे में दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाता है।