शैंपू माॅडल लाने की तैयारी
जौनपुर, बलिया, मिर्जापुर, गाजीपुर में भी बढ़ा आकर्षण: जौनपुर, बस्ती, बलिया, गाजीपुर, देवरिया, सीतापुर, गोंडा, उन्नाव, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, शाहजहांपुर काे भी एम्फी के जोन-6 में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि इन जिलों में म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एम्फी के मुताबिक, ऑनलाइन प्रक्रिया ने निवेश काे आसान बना दिया है। साथ ही, रिटर्न भी एफडी व अन्य माध्यमों में निवेश के मुकाबले बेहतर है।
म्यूचुअल फंड्स का बाजार तेजी से बढ़ने का प्रमुख कारण एसआईपी (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) है। न्यूनतम 500 रुपये की राशि से निवेश की शुरुआत की जा सकती है। जनसंख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य है। इसलिए संभावनाएं ज्यादा हैं। लिहाजा, सेबी न्यूनतम 250 रुपये से एसआईपी शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए शैंपू माॅडल लाने की तैयारी है।
बोले अधिकारी
दरअसल, किसी समय अमीर लोगों के घरों तक ही सीमित रहने वाले शैंपू के बाजार में क्रांति तब आई थी, जब इसका सैशे बाजार में लाया गया और इसकी पहुंच हर घर तक हो गई। -राजीव सिंह, को-फाउंडर, केश्री वेल्थ क्यूरेटर
यूपी के 11 जिले टॉप 100 में शामिल
एम्फी की रिपोर्ट के मुताबिक, म्यूचुअल फंड में सितंबर 2024 तक देश में कुल 68,00,486 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। इनमें महाराष्ट्र, नई दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल के बाद उत्तर प्रदेश का स्थान है।
यूपी के राज्यों की देश में रैंकिंग देखें तो लखनऊ की 12वीं और कानपुर की 14वीं रैंक है। वाराणसी 28वें, आगरा 30वें, प्रयागराज 31वें, मेरठ 48 वें, गोरखपुर 53वें, बरेली 69वें, मुरादाबाद 70वें, अलीगढ़ 85वें और झांसी 93वें स्थान पर है।