आकांक्षा दुबे, समर सिंह
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डीसीपी वरुणा जोन अमित कुमार के मुताबिक, मृतका के कपड़े की जांच रिपोर्ट के आधार पर चार लोगों की डीएनए प्रोफाइलिंग कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अदालत से अनुमति मांगी गई है। अदालत की अनुमति के बाद गायक समर सिंह व संजय सिंह, अरुण पांडेय व संदीप सिंह के सैंपल लिए जाएंगे। समर और संजय पर आकांक्षा को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला सारनाथ थाने में दर्ज है। दोनों इसी आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेजे गए हैं। संदीप वह व्यक्ति है, जो घटना वाली रात आकांक्षा को छोड़ने सारनाथ स्थित होटल गया था। इसकी तस्दीक भी हो चुकी है। संदीप होटल के सीसी कैमरे में कैद है। अरुण पांडेय को भी जांच के दायरे में लिया गया है। जब घटना हुई थी, उससे पहले आकांक्षा अरुण की निजी पार्टी से होकर लौटी थी। इसलिए सभी चारों लोगों की डीएनए प्रोफाइलिंग का निर्णय लिया गया है। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आकांक्षा दुबे और समर सिंह
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पहले पार्टी, फिर होटल गई थी आकांक्षा
सारनाथ थाने की पुलिस के अनुसार, 25 मार्च की रात आकांक्षा अपने परिचित अरुण पांडेय और उनकी पत्नी श्रद्धा के साथ महमूरगंज क्षेत्र स्थित एक होटल में आयोजित पार्टी में शामिल हुई थी। होटल से निकलने के बाद आकांक्षा अपने परिचित टिकरी निवासी संदीप सिंह से मिली और उसी के साथ रात 1:53 बजे सारनाथ क्षेत्र स्थित होटल में पहुंची। आकांक्षा के कमरे में कुछ देर तक रुकने के बाद संदीप सिंह होटल से चला गया। इसके बाद आकांक्षा इंस्टाग्राम पर लाइव हुई और रोने लगी। 26 अप्रैल की सुबह आकांक्षा का शव होटल के कमरे में मिला था। कमरा नहीं खुल रहा था तो मास्टर चाबी से खोला गया तो वह फंदे पर लटकी मिली।
अब तक जो हुआ
26 मार्च - आकांक्षा दुबे होटल के कमरे में मृत मिली।
27 मार्च - आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे की शिकायत पर भोजपुरी समर सिंह उर्फ समरजीत और संजय सिंह के खिलाफ सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
6 अप्रैल - समर सिंह गाजियाबाद से गिरफ्तार हुआ।
12 अप्रैल - समर का दोस्त संजय सिंह वाराणसी से गिरफ्तार किया गया।
19 मई - वाराणसी के जिला जज की अदालत ने समर सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी।