वाराणसी कचहरी में की जा रही चेकिंग
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दोपहर 12.15 बजे गेट नंबर एक से कचहरी परिसर में प्रवेश किया गया तो तुरंत पुलिसकर्मियों ने रोका। बैग की जांच की। पूरी तरह से जांच से संतुष्ट होने पर ही आगे जाने दिया गया। गेट नंबर दो पर हैंड मेटल डिटेक्टर और डीएफएमडी से जांच हुई। बैग देखते ही पुलिसकर्मियों ने पास में ही लगेज स्कैनर मशीन से होकर गुजरने को कहा।
दोपहर के समय गेट नंबर 3 पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी रही, इसमें एक सिपाही हैंड मेटल डिटेक्टर लेकर जांच करता रहा। हालांकि हर किसी की जांच नहीं हुई। बैग को खुलवाया तक नहीं गया। ऊपर से ही जांच कर निकाल दिया गया। कुछ देर तक ठहरने के बाद अन्य आने वालों की भी जांच पूरी तन्मयता से नहीं होती देखी गई।
गेट नंबर चार पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने हर किसी की जांच की। एक महिला वादकारी ने बैग की जांच पर आपत्ति जताई। महिला और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। अधिवक्ताओं ने मौके पर कहा कि चाहे कोई भी हो, जांच जरूरी है। रिपोर्टर ने भी अपने बैग की जांच कराई।
डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और लगेज स्कैनर भी दुरूस्त करा लिए गए। हैंड मेटल डिटेक्टर से कचहरी में प्रवेश करने वालों की जांच हो रही है। बैग और झोले की तलाशी ली जा रही है। हालांकि, कुछ जगहों पर अभी भी ढिलाई बरती जा रही है। -राहुल द्विवेदी, अधिवक्ता
कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद बनाने की जरूरत है। अधिवक्ताओं और वादकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। कचहरी परिसर के अंदर वाहन नहीं आने चाहिए। -अभिषेक मिश्रा, अधिवक्ता
सीसी कैमरे की संख्या बढ़ानी चाहिए। पुलिस कर्मियों की संख्या भी परिसर में बढ़ाई जाए। अधिवक्ताओं को भी अपने चौकी और चैंबर समेत आसपास की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। -विकास सिंह, अधिवक्ता
क्या बोले अधिकारी
सुरक्षा के सभी बिंदुओं पर बार पदाधिकारियों से वार्ता के बाद कचहरी की सुरक्षा बढ़ाई गई है। हर गेट पर दो से तीन पुरुष और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। डीएफएमडी से होकर ही अधिवक्ता और वादकारियों को गुजारा जा रहा है। अपील है कि कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। -प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा, कमिश्नरेट