ज्ञानवापी मस्जिद और काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर जो भी कोर्ट का आदेश है। अगर उन आदेशों की अवहेलना की गई तो इंतेजामिया कमेटी भी कोर्ट की शरण में चली जाएगी। यह बातें कमेटी के सचिव एसएम यासीन ने कहीं।
उन्होंने बताया कि मंदिर और मस्जिद को लेकर 1993, 1995 और 1997 में याचिका दायर की गई। इन तीनों याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मंदिर के पास यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश सुनाया। साथ ही वहां पर भीड़ कभी भी एकत्र नहीं होनी चाहिए।
ऐसे में वक्फ बोर्ड की जमीन का बिना बताए चबूतरा तोड़ना और रोकने पर धमकी देना गलत है। अभी तो जिला प्रशासन की सकारात्मक रवैया के चलते मामला शांत है, लेकिन अगर फिर से कुछ ऐसा किया गया तो जरूर किया जाएगा।