स्वस्थ और निरोग रहने के लिए अमर उजाला और पतंजलि महिला योग समिति के तत्वावधान में समिति की अध्यक्ष कुशला जायसवाल, महामंत्री ऊषा मौर्या के निर्देशन में लोगों को योग की क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
अमर उजाला योगशाला के तहत चार दिवसीय आयोजन के तहत बुधवार को सुबह पांच बजे से सिगरा स्थिति शहीद उद्यान में करीब एक घंटे तक योग की क्रियाएं की गईं। गुरुवार को सुबह छह बजे बजे यहीं पर योग शिविर लगेगा।
योगाभ्यास के बाद निकाली गई जागरूकता रैली में पतंजलि योग समिति, भारत विकास परिषद शिवम शाखा, श्रद्धा शाखा, मानव एकेडमी आफ मार्शल आर्ट्स के सदस्यों के साथ ही संतुष्टि हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संजय गर्ग और डॉ. रितु गर्ग ने हिस्सा लिया।
रैली शहीद उद्यान से पेट्रोल पंप, भारत सेवाश्रम संघ और सिगरा स्टेडियम होते हुए वापस उद्यान पर आकर समाप्त हुई। डॉ. रितु गर्ग ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा।
रन फॉर योगा के जरिए भागीदारी की अपील
योग दिवस के लिए लोगों को जागरुक करने के लिए प्रशासन ने बुधवार को रन फार योगा का आयोजन किया। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र के नेतृत्व में सिगरा स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम से रैली निकाली।
रैली सिगरा, फातमान, मलदहिया, इंग्लिशिया लाइन होते हुए भारत माता मंदिर तक रन फॉर योगा में लोगों को गुरुवार को योग शिविरों तक पहुंचने की अपील की गई। जिला प्रशासन और कई सामाजिक संस्थाओं के इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रात: 6 से 6.45 बजे तक सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम, शिवपुर स्थित विवेक सिंह मिनी स्टेडियम एवं बड़ालालपुर स्टेडियम के अलावा 760 ग्राम पंचायतों एवं 90 वार्डों सहित लगभग 1100 स्थानों पर आयोजन किए जाएंगे।
योग से शरीर, मन और आत्मा को स्वस्थ रखें
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शरीर, मन और आत्मा...। इन तीनों को एक साथ लाने का काम करता है योग। मन को एकाग्र करने के साथ योग शरीर को निरोग रखता है। हमारी आत्मा शुद्ध होती है। इन तीनों को स्वस्थ रखने का एकमात्र माध्यम योग ही है।
बुधवार को ये बातें अंतरराष्ट्रीय योग ट्रेनर पुष्पांजलि शर्मा ने सिल्वर ग्रोव स्कूल महेशपुर में आयोजित अमर उजाला योगशाला की कार्यशाला में बताईं। उन्होंने कहा कि बदलती जीवन शैली में अगर स्वस्थ रहना है तो योग को दैनिक कार्ययोजना में शामिल करना होगा।
पुष्पांजलि ने कार्यशाला में मौजूद छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को कई आसन कराए। बताया, सूर्य नमस्कार से शरीर में लचीलापन आता है। मांसपेशियां मजबूत होती हैं। सबसे सरल आसन है और सबसे कम समय में इसे किया जा सकता है। सप्ताह में पांच दिन सूर्य नमस्कार कर स्वस्थ रहा जा सकता है।
कार्यशाला का उद्घाटन पुष्पांजलि शर्मा, विद्यालय की निदेशिका रचना श्रीवास्तव व प्रबंधक मोहित श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत और संचालन वंदना चतुर्वेदी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन निदेशिका रचना श्रीवास्तव ने किया।
इनका विशेष सहयोग
अमर उजाला योगशाला के हेल्थ केयर पार्टनर टेटमोसॉल सोप, इवेंट पार्टनर सिल्वर ग्रोव स्कूल और बनारस बीड्स लिमिटेड हैं।
बीएचयू में योग-स्वास्थ्य पर पोस्टर जारी
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बीएचयू के आयुर्वेद संकाय की ओर से योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए तैयार पोस्टर को बुधवार को कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने रिलीज किया। कहा कि पोस्टर में अष्टांग योग में वर्णित यम और नियम के महत्व को सरल भाषा में दर्शाया गया है। संकाय प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी ने कुलपति का स्वागत करते हुए पोस्टर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रो. सीएस पांडेय, वैद्य नीरु नथानी, वैद्य सुशील दूबे, वैद्य कंचन चौधरी आदि मौजूद रहे।
आयुष चिकित्सकों ने निकाली जागरूकता रैली
जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. गीता राय शर्मा और आयुष नोडल अधिकारी डॉ. शिवराम सिंह यादव के निर्देशन में सिगरा स्टेडियम से निकाली गई जागरूकता रैली भारत माता मंदिर होते हुए स्टेडियम में आकर समाप्त हुई।
इस दौरान रास्ते में पर्चा वितरित कर योग दिवस के आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की गई। रैली में डॉ. जे बी सिंह, डॉ. रमा गुप्ता, डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, डॉ. राजेंद्र कुशवाहा, डॉ. मनीष त्रिपाठी, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. विनीत पांडेय आदि मौजूद रहे।
योग से स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी दी
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के चल रहे योग शिविर में प्रतिभागियों को योग प्रशिक्षक डॉ. सुनील कुमार यादव ने विभिन्न आसनों के माध्यम से स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी दी। इसके अलावा प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. राकेश रंजन ने बताया कि किस तरह से प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से आर्थराइटस, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण पाया जा सकता है। कार्यक्रम निदेशक प्रो. सुशील कुमार गौतम ने बताया कि गुरुवार को योग दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा।
योग दिवस के रंग में रंग गए बाजार
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के एक दिन पहले बुधवार को शहर से लेकर कस्बों के बाजार में प्रिंटेड टी-शर्ट से लेकर लोअर और कुर्ता-पाजामों की खूब खरीदारी हुई। योग करने के लिए चटाई, आसनी और जूते भी खरीदे गए। योग के लिए सीडी, डीवीडी, बैंड और किताबों के साथ-साथ आयुर्वेद और खादी के उत्पाद भी बाजार में छा गए हैं। दूसरी ओर ई-कॉमर्स कंपनियों ने इस मौके को भुनाने के लिए लुभावने ऑफर दिए हैं।
बाजार विशेषज्ञों की मानें तो दो-तीन साल से योग से संबंधित उत्पादों की बिक्री का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। योग प्रशिक्षकों की मांग बढ़ने के साथ ही इससे जुड़े उत्पादों के कारोबार में 60 से 70 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है।
आयुर्वेदिक उत्पादों च्यवनप्राश, मुरब्बा, ग्रीन टी जैसे हर्बल प्रोडक्ट की दुकानें शहर में जगह-जगह खुल गई हैं। स्कूलों में भी योग का क्रेज बढ़ने और जगह-जगह योग सेंटर खुलने के कारण ट्रेंड योग प्रशिक्षक प्रति घंटे 400-1500 रुपये तक फीस ले रहे हैं।
तन-मन दोनों के लिए लाभदायक
अंतरराष्ट्रीय योग ट्रेनर पुष्पांजलि शर्मा कहती हैं कि योग व संगीत एक साधना है। संगीत के बिना योग अधूरा है और संगीत भी योग की तरह ही तन और मन दोनों के लिए लाभदायक है। योग करते समय संगीत के साथ शरीर का आत्मा से जुड़ाव तेजी से होता है। योग में ध्यान, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, ओम उच्चारण और उंगलियों व कंठ के कई ऐसे आसन हैं, जो संगीत के जरिए भी किए जा सकते हैं।
मुस्लिम बालाओं ने लिया योग का प्रण
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योग दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता के तहत गुरुवार को मुस्लिम बालाएं भी योग करेंगी। बादशाहबाग स्थित साईं इंस्टीट्यूट में सप्ताह भर से ये बालाएं योग के आसनों का अभ्यास कर रही हैं।
योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में मारिया परवीन की अगुवाई में लल्लापुरा की गजाला, नाज खान, तरन्नुम बानो, रहीमा, राशिदा समेत 30 मुस्लिम युवतियों ने नियमित योग करने का प्रण लिया है।
उनका कहना है कि योग को केवल स्वास्थ्य के नजरिये से देखा जाना चाहिए। धर्म से जोड़कर देखने का कोई मतलब नहीं है। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक अजय सिंह, बिजनेस कोआर्डिनेटर मो. साजिद फरीदी, परियोजना प्रबंधक संदीप मौर्या आदि मौजूद रहे।
योग व संगीत दोनो ही यौगिक क्रिया
शास्त्रीय गायक डॉ. ज्ञानेश पांडेय बताते हैं कि योग व संगीत दोनों ही यौगिक क्रिया है। योग से हमारे शरीर का व्यायाम होता है, वहीं संगीत से हमारी अंतरात्मा का व्यायाम होता है। योग व संगीत में ध्यान की आवश्यकता होती है।
दोनों ही क्रियाओं में हम अपनी कुंडलिनी शक्ति को जागृत करते हैं। रियाज में सांस का सबसे ज्यादा महत्व है। सुर की निरंतरता श्वांस पर निर्भर करती है। शास्त्रीय गायन में ब्रह्मनाद एक स्थिति होती है, जो नाद योग से प्राप्त होती है। नाद योग का सीधा संबंध सांस की निरंतरता से होता है।
तन-मन दोनों के लिए लाभदायक
अंतरराष्ट्रीय योग ट्रेनर पुष्पांजलि शर्मा कहती हैं कि योग व संगीत एक साधना है। संगीत के बिना योग अधूरा है और संगीत भी योग की तरह ही तन और मन दोनों के लिए लाभदायक है। योग करते समय संगीत के साथ शरीर का आत्मा से जुड़ाव तेजी से होता है। योग में ध्यान, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, ओम उच्चारण और उंगलियों व कंठ के कई ऐसे आसन हैं, जो संगीत के जरिए भी किए जा सकते हैं।