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खुफिया विभाग की रिपोर्टः बलिया में निकाय चुनाव के दौरान दंगा-फसाद की आशंका

Wed, 01 Nov 2017 05:02 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
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बलिया - फोटो : demo
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खुफिया विभाग ने नगर निकाय चुनाव के दौरान बलिया में दंगा-फसाद की आशंका जताई है। खुफिया विभाग ने जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि नगरीय निकायों और उसके आसपास के करीब 10 किमी की परिधि में आने वाले गांवों में कुछ उपद्रवी तत्व दंगा-फसाद कर चुनाव प्रभावित कर सकते हैं। 

राज्य निर्वाचन आयोग ने भी बलिया जिले को संवेदनशील श्रेणी में रखा है। सिकंदरपुर और रतसर में हुए साम्प्रदायिक बवाल के बाद जिला प्रशासन सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। जनपद में दो नगर पालिका और आठ नगर पंचायत में दूसरे चरण के तहत 26 नवंबर को चुनाव कराया जाना है। 
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जिले में 27 अक्तूबर से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अपर जिला मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंघल ने खुफिया विभाग की रिपोर्ट के हवाले से आशंका जताई है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन और नगर निकाय चुनाव के दौरान उपद्रवी तत्व फसाद करके जिले की शांति भंग कर सकते हैं। प्रत्याशियों एवं विभिन्न राजनीतिक दलों में आपसी रंजिश होने की आशंका है। चुनाव प्रचार के दौरान वाद-विवाद से इनकार नहीं किया जा सकता है। 

जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने बलिया जिले को संवेदनशील श्रेणी में रखा है। चुनाव में अशांति उत्पन्न करने वाले असमाजिक तत्वों को चिह्नित कर लिया गया है। दंगा फसाद जैसी स्थिति पर एनएसए ही नहीं बल्कि राष्ट्रद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विगत दिनों सिकंदरपुर और रतसर में हुए साम्प्रदायिक बवाल के बाद जिला प्रशासन सुरक्षा के प्रति कोई कोताही नहीं बरतना चाहता।

दो दिन पहले 29 अक्तूबर को वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए  राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने साफ तौर पर कहा था कि बलिया के साथ-साथ वाराणसी, आजमगढ़ और गाजीपुर की स्थिति जोन के अन्य जिलों की तुलना में ठीक नहीं है। 

उन्होंने इन जिलों के डीएम और एसएसपी को खासतौर से हिदायत दी गई है कि वे अभियान चलाकर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करें। पेशेवर अपराधियों और  सांप्रदायिक और जातीय हिंसा फैलाने वालों को चिह्नित कर उन्हें जेल भेजें।इ तस्करों ने बताया कि पूर्वांचल के जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर आदि जिलों के दो सौ से अधिक लोगों को अब तक पिस्टल, रिवाल्वर, तमंचे आदि बेच चुके हैं। 
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असलहे सप्लाई करने वाले चार बंदी

बरामद असलहा - फोटो : अमर उजाला
निकाय चुनाव में आतंक मचाने के लिए बिहार के मुंगेर से भारी मात्रा में असलहे की सप्लाई देने जा रहे चार तस्करों को  सोमवार की दोपहर सरायमीर थाना क्षेत्र के छित्तुपट्टी गांव में हुई मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिए गए। इनके पास से 15 पिस्टल, एक रिवाल्वर और सात कारतूस बरामद हुआ। तस्करों के इस गिरोह में कई नेता, प्रधान और अध्यापक शामिल हैं। अब तक ये लोग पूर्वांचल में करीब दो सौ से अधिक असलहे बेच चुके हैं।

मंगलवार को पुलिस लाइन परिसर में एसपी अजय कुमार साहनी ने पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार असलहा तस्करों में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के रामगढ़ गांव निवासी तेजप्रताप राय, हरैया बाईपार गांव निवासी संतोष यादव, चकलालचंद गांव निवासी राजेश मिश्रा और चंदौली जिले के धानापुर गांव का माता प्रसाद वर्मा है।

एसपी के अनुसार सोमवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर पुलिस ने सरायमीर-फूलपुर मार्ग पर स्थित छित्तूपट्टी गांव में स्थित रामजानकी मंदिर के पास घेराबंदी इन्हें दबोचा। तलाशी में इनके पास से हथियार बरामद हुए। पूछताछ के दौरान इन तस्करों ने बताया कि यह लोग निकाय चुनाव में असलहों की मांग बढ़ने पर बिहार के मुंगेर से लाकर असलहे की डिलीवरी देने जा रहे थे।

तस्करों ने पुलिस को बताया कि गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गोसाई की बाजार गांव प्रधान लौहर यादव, बरदह थाना क्षेत्र के मुड़हर गांव निवासी अध्यापक रामचंद्र सरोज, इसी गांव के प्रधान लालू यादव उर्फ राहुल और सरायमीर थाना क्षेत्र के नरदह गांव निवासी भानू यादव असलहों की खरीद  फरोख्त में प्रमुख भूमिका निभाते थे। यह लोग ग्राहक तय करते हैं।

तस्करों ने बताया कि पूर्वांचल के जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर आदि जिलों के दो सौ से अधिक लोगों को अब तक पिस्टल, रिवाल्वर, तमंचे आदि बेच चुके हैं। 
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