सुरक्षा के दृष्टिकोण से अतिसंवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर के यलो जोन से मात्र सौ मीटर दूर दाल मंडी में सैकड़ों साल पुरानी इमारत के नीचे अवैध तरीके से बेसमेंट के निर्माण कार्य ने खुफिया इकाइयों के सूचना तंत्र और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन के नीचे बड़े भू-भाग में हो रहे अवैध निर्माण कार्य की भनक तक न लग पाना खुफिया इकाइयों की गंभीर चूक के साथ ही सुरक्षा में सेंध समझा जा रहा है।
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इसके मद्देनजर एसएसपी की ओर से प्रदेश के डीजी इंटेलिजेंस को रिपोर्ट भेजी गई है। वहीं, चौक थाना और दाल मंडी चौकी के पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी सवालों के घेरे में है। माना जा रहा है कि सुविधा शुल्क के चक्कर में पुलिस ने क्षेत्र की संवेदनशीलता को गंभीरता से न लेते हुए अवैध निर्माण कार्य की अनदेखी की है।
काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र अतिसंवेदनशील होने के कारण यहां और आसपास के इलाके में केंद्र और राज्य सरकार के साथ ही सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स की खुफिया इकाइयों के जवान तैनात रहते हैं। वहीं, चौक थाने से सटे दाल मंडी बाजार में चौबीसों घंटों पुलिस की आवाजाही लगी रहती है।
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इसके बावजूद सभी को धता देते हुए जर्जर इमारतों के नीचे अवैध तरीके से बनाए गए बेसमेंट ने पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। इसे लेकर बुधवार को लखनऊ से दिल्ली तक पुलिस अधिकारियों से सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा।
उधर, पुलिस लाइन में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि यलो जोन के समीप जमीन के नीचे अवैध निर्माण कार्य सुरक्षा के साथ ही आमजन के लिए भी खतरनाक है। हम और जिलाधिकारी संयुक्त रूप से समीक्षा कर रहे हैं कि वीडीए, नगर निगम, पुलिस और खुफिया इकाइयों से किस स्तर पर चूक हुई और किसने, कहां लापरवाही की। दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश इंस्पेक्टर चौक को दे दिया गया है।
प्रथम दृष्टया यही प्रतीत हुआ है कि व्यावसायिक उद्देश्य से बेसमेंट का निर्माण कराया गया था। इससे भी इतर अन्य क्या उद्देश्य हो सकते हैं इसकी पड़ताल की जा रही है।
...ऐसे तो विश्वनाथ मंदिर तक खोद डालते सुरंग
आठ हजार वर्ग फीट में बेसमेंट से लेकर एक मंजिल तक हुआ था निर्माण
- फोटो : अमर उजाला
दाल मंडी में जर्जर इमारतों के नीचे अवैध तरीके से बेसमेंट बनाने का मामला बुधवार को समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक हुआ तो चौक क्षेत्र के साथ ही शहर के अन्य इलाकों में यह चर्चा का विषय बना रहा। चौक क्षेत्र की चाय-पान की अड़ियों पर जुटे लोगों का कहना था कि पुलिस और इंटेलिजेंस वाले ऐसे ही सोते रहेंगे तो आतंकवादी विश्वनाथ मंदिर के नीचे तक सुरंग खोद डालेंगे और किसी को भनक नहीं लगेगी।
गौरतलब है कि जर्जर इमारतों के नीचे जहां बेसमेंट बनवाया गया है वह चौक थाना से लगभग दो सौ मीटर दूर है। इसके साथ ही तैयार बेसमेंट से काशी विश्वनाथ मंदिर के बाह्य सुरक्षा घेरा यलो जोन से महज सौ मीटर की दूरी पर है।
अड़ियों पर मौजूद लोगों ने यह भी आशंका जताई कि भवन निर्माण कार्य के मानकों की अनदेखी कर जिस मनमाने तरीके से बेसमेंट बनवाया गया है यदि उसके चलते कभी इमारतों की नींव दरकने पाई तो जनधन की ना जाने कितने बड़े पैमाने पर क्षति होगी।
500 मीटर के दायरे में रहती हैं देश की सभी खुफिया एजेंसी
- इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी)
- सीआरपीएफ की इंटेलीजेंस यूनिट
- जेड ओ एजेंसी
- लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू)
- कई अन्य खुफिया इकाई
अवैध भूमिगत निर्माण कराने में दो भवन स्वामी गिरफ्तार
दालमंडी में तीन अवैध निर्माण सील, दो सुपरवाइजर सस्पेंड,
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के सर्वाधिक सघन इलाके दाल मंडी में अवैध ढंग से बेसमेंट निर्माण की पोल खुलने के बाद बुधवार को वीडीए और पुलिस की नींद आखिरकार टूट गई। दिन में 11 बजे के बाद शुरू हुई वीडीए और पुलिस की कार्रवाई का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। पहले भूमिगत निर्माण करने वाले स्थानों को सील किया गया और देर रात पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी।
मामले में पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है। इस बीच अन्य इलाकों में भी नियम विरुद्ध और अनुमति के बगैर निर्माण कराने वालों की शिनाख्त कराई जाने लगी है। अगले कुछ दिनों में बड़ी कार्रवाई के संकेत हैं।
देर रात चौक पुलिस ने भवनों में गौरकानूनी तरीके से बेसमेंट और अन्य निर्माण कराने वाले मंसूर अहमद, शमशेर आलम, शाहिद अली, लईक अहमद, आलिया, शायरा बानो और हरजाना के साथ अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ बलवा, क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट (सीएलए) और विकास अधिनियम सहित समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
इनमें से शाहिद अली और लईक अहमद को देर रात दाल मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार भी कर लिया गया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर चौक अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में दो टीमें गठित की गई हैं।
इससे पहले दिन में 11:30 बजे पहुंचे पुलिस और वीडीए के अधिकारियों की टीम ने ‘मिल्लत मार्केट’ से मशहूर भवन सहित तीन अवैध निर्माण सील कर दिए, जबकि वीडीए के दशाश्वमेध जोन के सुपरवाइजर सहित एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। दो तत्कालीन अवर अभियंता और एक सहायक अभियंता के निलंबन की शासन से संस्तुति की गई है। तत्कालीन जोनल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और आईजी रेंज दीपक रतन के मौका-मुआयना के बाद मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।