बनारस एयरपोर्ट के पास 20 एकड़ में इंटीग्रेटेड टेस्टिंग ट्रीटमेंट पार्क खोला जाएगा। प्रदेश सरकार इसके लिए जमीन की तलाश कर रही है। इसके बन जाने से यहां से निर्यात किए जा रहे फल, सब्जियों सहित अन्य उत्पादों को सहूलियत होगी। इन उत्पादों की आधुनिक तकनीक से जांच कर विदेश भेज सकते हैं।
इरी आईसार्क में चल रहे राष्ट्रीय बीज सम्मेलन के समापन समारोह के दौरान प्रदेश के कृषि निर्यात, उद्यान एवं मंडी के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश के तीन एयरपोर्टों के पास इंटीग्रेटेड टेस्टिंग ट्रीटमेंट पार्क बनाए जाएंगे। जो लखनऊ, नोएडा एवं वाराणसी में बनाने की तैयारी है। इसके लिए बनारस के लालबहादुर शास्त्री एयरपोर्ट के आसपास 20 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। उम्मीद है कि अगले साल जमीन अधिग्रहीत कर निर्माण शुरू हो जाएगा। इस ट्रीटमेंट पार्क को यूरोप और खाड़ी देश सहित अन्य देशों के मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा।
ये होंगे फायदे
इंटीग्रेटेड टेस्टिंग ट्रीटमेंट पार्क खुल जाने से किसानों के उत्पादों को निर्यात करने के पहले उसे रोग रहित कर भेजा जाएगा। ताकि विदेशों में भेजे जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता बनी रही। उद्यान विभाग के वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक ज्योति सिंह ने बताया कि इस यूनिट में सब्जियों, फलों सहित अन्य उत्पादों के प्रबंधन, कीटाणु मुक्त करने, धुलाई, ग्रेडिंग, क्वारंटाइन करने, वातावरण के अनुकूल रखने सहित अन्य व्यवस्थाएं रहेंगी। इस प्रक्रिया के बाद ही उत्पादों को निर्यात किया जाएगा।