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बनारस के इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर्स बोले: आइडिया, कंटेंट ही भीड़ से अलग बनाएगा, जब तक पेन नहीं तब तक गेन नहीं

Mon, 21 Apr 2025 05:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

अमर उजाला ऑफिस नें आयोजित संवाद कार्यक्रम में बनारस के इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर्स ने अपने विचार रखे। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि आइडिया, कंटेंट ही भीड़ से अलग बनाएगा। 
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अमर उजाला कार्यालय में बनारस के इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर्स - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईफोन लो, गंगा आरती का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर डालो, फिर तो वायरल होगा ही। ऐसी सोच से सोशल मीडिया पर गंगा आरती की पोस्ट की बाढ़ सी आ गई, लेकिन उन पर व्यूज नहीं आ रहे हैं। तुक्के में कोई वीडियो वायरल हुआ तो वो वीडियो की खासियत होगी। ऐसा हर बार नहीं होगा। ऐसे में आपका आइडिया और कंटेंट ही आपको इस भीड़ से अलग कर इनफ्लुएंसर इंडस्ट्री में सफल बनाएगा। अमर उजाला की ओर से शनिवार को चांदपुर स्थित कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बनारस के इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर्स ने ये बातें कहीं।

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इन सभी के वायरल कंटेंट में कुछ विषय कॉमन थे। इनमें काशी के मंदिर, बाबा विश्वनाथ, जाम और ज्ञानवापी खास रहे। उन्होंने बताया कि किसी ने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ फोटो खिंचवाकर डाली, तब पैरेंट्स ने उन्हें इनफ्लुएंसर बनने की इजाजत दी। किसी ने गाने का वीडियो डालना शुरू किया तो नचनिया-गवैया और लड़कियों को पेड गर्ल बोला गया। इनका कहना है कि यूजर्स की नजरों में हम गिरे हुए लोग थे।

कंटेंट सही होने से लाइक्स और व्यूज बढ़े और ट्रोलर्स का भी अटेंशन बढ़ा। कुछ युवा तो व्यूज के लिए गंगा में डूबते-डूबते भी बचे। कई ने शांतिभंग सहित कई मुकदमे भी झेले। इनफ्लुएंसर ने बताया कि जब तक पेन नहीं, तब तक कुछ गेन नहीं होता है।

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जो दिखता है, बस वही बनाओ

गंगा आरती शूट कर वीडियो डालने से फायदा नहीं हुआ। गौरी केदारेश्वर के वीडियो पर मिलियन व्यूज आ गए। जो दिखता है, बस वही बनाओ। राम मंदिर के लोकार्पण के दिन बनारस के राम घाट पर अंदर दबे राम मंदिर की पोस्ट डाली, उस पर 9 मिलियन से ज्यादा व्यूज आ गए। -सूर्यांशु शुक्ला, स्टोरीज ऑफ काशी

पोस्ट से पहले सीनियरों से 100 बार पूछता हूं
2023 में इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। यहीं से समझ आया कि वीडियो डालने की एक रिस्पॉन्सिबिलिटी भी है। इसी कारण कोई भी वीडियो पोस्ट करने से पहले सीनियरों से 100 बार पूछता हूं। देव दीपावली पर वीआईपी मूवमेंट पर दिक्कत होती है। हमें भी पास मिलना चाहिए। -अक्षत श्रीवास्तव, नमस्ते बनारस

विश्वनाथ मंदिर गर्भगृह का पहला वीडियो
बड़े भाई ने 2018 में इंस्टाग्राम बनाया। रंगभरी एकादशी पर पुराने रीति-रिवाज के समर्थन में खूब बोला और पोस्ट डाले। विश्वनाथ मंदिर गर्भगृह का पहला वीडियो भी हमारी टीम ने शूट किया था। पेज पर 10 लाख फाॅलोअर्स हैं। कोविड में सारे इंस्टाग्रामर्स ने एक होकर कई सामाजिक कार्य भी किए। -रवि देव मिश्रा, बनारसी भौकाल

अब तक बनवा चुके हैं 10 मंदिर

2013 में शौकिया काम शुरू किया। शुरू में हम कुछ लिखें-पढ़ें और बोलें तो कोई इसे सीरियसली नहीं लेता था। फिर हमने सामाजिक समस्याओं को सुलझाना शुरू किया। जो मंदिर टूटे गए थे, उन्हें बनवाया। झारखंड सहित कई राज्यों में अब तक 10 मंदिर बनवा चुके हैं। -गौरव मिश्रा, बनारसी इश्क

वीडियो में गलती हुई तो डाउन किया
पेज का प्रयोग सूचनाएं पहुंचाने में किया। एक बार वीडियो में गलती हो गई तो उसे डाउन किया। एक मंदिर का वीडियो वायरल हो गया तो भीड़ पहुंचने लगी। इससे दिक्कत हुई तो वीडियो डालने कम कर दिए। साथ ही समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाया। -आकर्ष मिश्रा, बनारस द ओल्डेस्ट सिटी

त्योहारों पर बनाए वीडियो
2016 से काशी के त्योहारों पर बनाए गए वीडियो वायरल होने लगे। शहर के विकास और जाम को लेकर कई कंटेंट चले। हम अपने वीडियो में बनारस को ही रिप्रेजेंट करते आए हैं। -अनुज गुप्ता, काशी की रील

बनारसी होने का फायदा मिला
बीटेक करने के बाद अर्निंग के उद्देश्य से अकाउंट बनाया और बनारसी होने का फायदा अच्छे व्यूज में मिला। मंदिर और प्रमोशनल वीडियो पर फोकस किया। -आशुतोष यादव, बनारसी वाइब्स
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गवैया बोलकर उड़ाया मजाक

10वीं में अच्छे मार्क्स आएंगे तो ही गायन सीखने का अवसर मिलेगा। ये परिवार की शर्त थी। बनारस आई और घाट पर गाकर इंस्टा पर पोस्ट डालनी शुरू की। इस पर लोगों ने नचनिया-गवैया कहकर मजाक उड़ाया। अब तो घाट पर बैठकर गाना फैशन सा बन गया है। -विजिता, विजिता रॉक्स

विकास, इतिहास, साहित्य और परंपरा पर फोकस
बनारस के विकास, इतिहास, साहित्य-संस्कृति और परंपरा को लेकर कंटेंट पर विदेशी भी काम कर रहे हैं तो हम क्यों पीछे रहें। बनारस शहर की खासियत ही इन्हीं चार बातों पर टिकी है। -प्रभात मिश्रा, बाबा काशी विश्वनाथ

पढ़ाई-जॉब संग ये काम करना था चैलेंजिंग
बीटेक किया, फिर बंगलूरू की नौकरी छोड़कर बनारस आया और बीएचयू में एमबीए में एडमिशन लिया। जॉब भी की। पढ़ाई और जॉब के साथ वीडियो बनाना काफी चैलेंजिंग रहा। कैंट स्टेशन पर एक अव्यवस्था का वीडियो इतना वायरल हुआ कि अब ज्यादातर समय इसी पर देता हूं। -अमृतेश कुमार, बनारसियंस

हेट कमेंट्स और गालियां मिलीं
वीडियो डालने के बाद हेट कमेंट्स और गालियां पड़ती थीं। कई लोगों ने पेड गर्ल की संज्ञा तक दे दी। वहीं, हिजाब के साथ फोटो डालने पर लोगों की धार्मिक भावना आहत हो गई। इसके चलते 2017 में अकाउंट डिलीट करना पड़ा। अब गानों के साथ प्रमोशनल वीडियो भी डालती हूं। -वर्षा, वर्षा  

दिल टूटने के बाद बदला भाग्य
दिल टूटने के बाद मेरा भाग्य बदला गया। सैड स्टोरी डालनी बंद कर दीं। पेज का नाम डार्क से बदलकर मून कर लिया। घाटों और नावों के वीडियो वायरल हुए और इसके बाद मंजिल का भी पता चल गया। -अभिनव राज, द बनारसी मून
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