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Varanasi News: अस्पताल पहुंची जांच टीम, संचालक से दो घंटे तक की पूछताछ, नहीं मिला संतोषजनक जवाब

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केजीएमयू नर्सिंग छात्रा की मौत का मामला, जांच टीम ने खंगाले इलाज से संबंधित रिकॉर्ड्स- पैथोलॉजी सेंटर से भी हुई पूछताछ,
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संवाद न्यूज एजेंसी
सेवापुरी। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (केजीएमयू), लखनऊ में अध्ययनरत नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी यादव की डेंगू से हुई संदिग्ध मौत के मामले में जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। बुधवार दोपहर बाद केजीएमयू के वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. आरएएस कुशवाहा और डॉ. केके सिंह के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच दल आराजी लाइन विकासखंड के कपरफोरवा ओम साईं होमियो हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचा। टीम में वाराणसी के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) और जिला मलेरिया अधिकारी भी शामिल रहे। जांच टीम ने अस्पताल के संचालक डॉ. एससी यादव से दो घंटे पूछताछ की। संचालक से इलाज और प्रक्रियाओं को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जांच दल ने अस्पताल के आईसीयू, ओपीडी वार्ड और मेडिकल रिकॉर्ड्स का बारीकी से निरीक्षण किया। वहां तैनात स्वास्थ्यकर्मियों से भी अलग-अलग बयान दर्ज किए। इसके बाद टीम हाथी क्षेत्र स्थित उस निजी पैथोलॉजी सेंटर भी पहुंची, जहां छात्रा के रक्त के नमूनों की जांच कराई गई थी। वहां भी संचालक से जांच संबंधी दस्तावेजों को लेकर पूछताछ की गई। मूलरूप से वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र की रहने वाली दिव्यांशी यादव को 11 सितंबर को बुखार आने पर केजीएमयू के मेडिसिन ओपीडी में ले जाया गया था। 16 सितंबर को हुई जांच में उसकी डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। परिजनों का आरोप है कि छात्रा की गंभीर स्थिति के बावजूद कॉलेज प्रशासन द्वारा उसे अवकाश नहीं दिया गया। तबीयत अधिक बिगड़ने पर 17 सितंबर की शाम परिजन उसे लखनऊ से बनारस ले आए और उसी रात ओम साईं होमियो हॉस्पिटल में भर्ती कराया। 18 सितंबर तक अस्पताल में इलाज चलने के बाद 19 सितंबर को स्थिति नाजुक होने पर उसे बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। हालांकि, बीएचयू के चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही छात्रा की मौत हाे चुकी थी।
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