परिषदीय स्कूलों में अब स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम चलेगा। निपुण भारत मिशन व राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कार्यक्रम के जरिये बच्चों को स्कूली माहौल में ढाला जाएगा। ताकि उन्हें आगे चलकर किसी कक्षा में परेशानी न हो। बेसिक शिक्षा विभाग ने रूपरेखा तैयार कर ली है। योजना के तहत कक्षा एक के शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा। तीन माह तक अभियान चलेगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के लिए शासन से निर्देश मिले हैं। खेल आधारित स्कूल की तैयारी के लिए गाइडलाइन विद्या प्रवेश मॉड्यूल में विस्तृत रूप से दिया गया है। इसमें दी गई सामग्री व गतिविधि को प्रशिक्षकों द्वारा संबंधित शिक्षकों को प्रशिक्षण के माध्यम से स्पष्ट किया जाएगा। तीन महीने के कार्यक्रम में कला की पुस्तकें, बुक रीडिंग, आंतरिक प्रतिभा के बारे में अभिभावकों की मौजूदगी में विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। पाठ्यक्रम से अतिरिक्त चलने वाले इस कार्यक्रम के खत्म होने पर बच्चों को पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
क्षमता का संवर्धन होगा
जनपद स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित कर उनकी क्षमता का संवर्धन किया जाएगा। साथ ही विषयों के बारे में जानकारी भी होगी। नौनिहालों के व्यवहार तथा मेडिटेशन के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। वहीं, बच्चों के शब्द व अक्षर पहचानने की क्षमता, शिक्षकों से परिचय, उनके पढ़ने-लिखने की स्थिति पर भी जोर रहेगा।
क्या है रेडीनेस कार्यक्रम
बेसिक स्कूलों में कक्षा एक से बच्चों की शिक्षा शुरू होती है। वह बिना किसी तैयारी के सीधे विद्यालय में प्रवेश ले लेते हैं। ऐसे में चार से पांच साल के बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा देकर स्कूली माहौल में ढाला जाएगा।