आपदा प्रबंधन के समय किस तरह लोगों को ट्रॉमा सेटर पहुंचाया जाए, जहां उनका बेहतर इलाज हो सके। इसको लेकर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में दूसरे इंडो-इजराइल ट्रॉमा कोर्स का आयोजन 24 से 26 फरवरी तक किया गया है।
आपदा प्रबंधन के समय किस तरह लोगों को ट्रॉमा सेटर पहुंचाया जाए, जहां उनका बेहतर इलाज हो सके। इसको लेकर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में दूसरे इंडो-इजराइल ट्रॉमा कोर्स का आयोजन 24 से 26 फरवरी तक किया गया है। इसके लिए इजराइल से पांच सदस्यीय चिकित्सकीय टीम गुरुवार को वाराणसी पहुंच गई।
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आयोजन से पहले टीम के सदस्यों ने ट्रॉमा सेंटर में मरीजों के इलाज, जांच आदि की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। आपदा के समय बेहतर तरीके से प्रबंधन करने के उद्देश्य से शुरू ट्रॉमा कोर्स में 39 जीटीसी के जवान, एनडीआरएफ, पुलिस, पीएसी जवान, आरपीएफ, सीआरपीएफ से चयनित जवान प्रशिक्षण लेंगे।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने गुरुवार को इजराइल से आई टीम के सदस्यों का स्वागत किया। आयोजन में इजराइल में रैमबैम एचसीसी के निदेशक प्रोफेसर माईकल (मिकी) हाल्बरथल व उनकी टीम के अन्य सदस्यों समेत एम्स नई दिल्ली के ट्रॉमा सर्जरी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर अमित गुप्ता आपदा प्रबंधन पर अपनी बात रखेंगे।