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इंदिरा गाधी की जयंती पर यूपी के इस जिले की पड़ी थी नींव

Tue, 20 Nov 2018 10:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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Indira gandhi
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इंदिरा गांधी की जयंती पर 19 नवम्बर,1988 को यूपी में एक नया जिला अस्तित्व में आया था। कांग्रेस के कद्दावर नेता व पूर्व सांसद कल्पनाथ ने मऊ जिले के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी लखनऊ से कल्पनाथ के साथ हेलीकाप्टर से मऊ पहुंचे थे।
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एनडी तिवारी ने जीवनराम हास्टल के मैदान पर बने मंच से मऊ को नया जिला बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि आजमगढ़ जिले से अलग किए गए आठ ब्लाकों और बलिया जिले से एक ब्लाक रतनपुरा को मिलाकर नौ ब्लाकों का यह मऊ जिला होगा। मऊ जिला कई ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासतों को संजोये हुए है।

यहां रामायण एवं महाभारत कालीन सांस्कृतिक एवं पुरातत्विक अवशेष मिलते हैं। कहा जाता है कि त्रेतायुग में महाराज दशरथ के शासनकाल में इस स्थान पर ऋषियों की तपोभूमि थी। इसी तमसा तट पर आदि कवि महर्षि वाल्मिकी का आश्रम था। वन यात्रा के समय प्रथम रात्रि तमसा तट पर भगवान राम ने विश्राम किया था।
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कई वर्षों से हो रही थी मांग

जब तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी कल्पनाथ राय के साथ मऊ पहुंचे तो उन्होंने जेएन चैंबर को भी मंच पर बुलाया और जिले के पहले जिलाधिकारी के रूप में उनका परिचय कराया था। उन्होंने कहा था कि मऊ को विकास और योजनाओं के लिए अलग बजट मिलेगा।

बता दें कि कांग्रेस के कद्दावर नेता चंद्रजीत यादव मऊ को आजमगढ़ जिले से अलग किए जाने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन कल्पनाथ राय ने मऊ को नया जिला बनाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। मऊ को जनपद बनाने की मांग कई वर्षों से होती रही जो अन्ततः 19 नवम्बर,1988 को पूरी हुई और प्रदेश के मानचित्र में एक अलग जनपद के रूप में मऊ का सृजन हुआ।

जनपद सृजन के बाद जीवनराम हॉस्टल के ही कई कमरों को कलेक्ट्रेट का रूप दिया गया। 1988 में नया जनपद बनने के बाद इस भू-भाग का कायाकल्प हो गया तथा यह जनपद निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। 
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