लोककलाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गठित संस्था पहल की ओर से वाराणसी में सुर गंगा महोत्सव के दूसरे चरण का आयोजन इस बार देव दीपावली से कराया जाएगा। 2017 में 43 दिन के आयोजन के बाद इस साल 23 नवंबर से 14 अप्रैल तक (143 दिन) राजघाट पर चलने वाले महोत्सव में गायन, वादन और नृत्य आदि के कार्यक्रम प्रस्तुति किए जाएंगे।
रविवार को संस्था के सचिव आलोक पारिख, संदीप पंडया, दीपक जायसवाल और लोकेश गुप्ता आदि ने प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। बताया कि राजघाट पर देव दीपावली से शुरू महोत्सव का समापन वासंतिक नवरात्र की रामनवमी 14 अप्रैल को होगा।
इस दौरान देश के विभिन्न स्थानों से आने वाले कलाकारों के साथ ही स्थानीय स्तर पर बीएचयू, काशी विद्यापीठ, वसंत महिला महाविद्यालय सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों के साथ ही स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां भी होंगी।
बताया कि नगर निगम और पर्यटन विभाग की सहभागिता से हर दिन शाम सात से नौ बजे तक आयोजन कराए जाएंगे। 23 नवंबर को दीपदान से महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसमें सुर गंगा के मुक्ताकाशीय मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य अतिथि मौजूद रहेंगे।
पहले दिन सजेगी उपशास्त्रीय गायन और लोकगीत की महफिल
demo pic
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से कराए जाने वाले तीन दिवसीय गंगा महोत्सव का शुभारंभ 20 नवंबर से होगा। तीन दिन तक चलने वाले महोत्सव में जिले के 30 इंटर कॉलेजों की टीमों के प्रतिभागियों का गायन, वादन, नृत्य की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिलेगा। इसके माध्यम से प्रतिभागी काशी गंगा महोत्सव के मुख्य आयोजन में मंच पाने के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
सांस्कृतिक संकुल चौकाघाट में पहले दिन गायन के साथ महोत्सव की शुरूआत होगी। गंगा महोत्सव के मुख्य आयोजन से पहले माध्यमिक विद्यालयों के गंगा महोत्सव का आयोजन शिक्षा विभाग की देखरेख में कराया जाता है। सुबह 10 बजे से यह कार्यक्रम शुरू होगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि पहले दिन 20 नवंबर को गायन में उपशास्त्रीय, लोकगीत, दूसरे दिन 21 को नृत्य की प्रतियोगिताओं में एकल, समूह नृत्य और 22 नवंबर को तबला, बांसुरी और सितार वादन की प्रतियोगिता कराई जाएगी। प्रथम स्थान पाने वालों को 20 से 23 जनवरी 2019 में होने वाले काशी गंगा महोत्सव में मुख्य मंच पर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।