इंदिरा गांधी की जयंती पर 19 नवम्बर,1988 को यूपी में एक नया जिला अस्तित्व में आया था। कांग्रेस के कद्दावर नेता व पूर्व सांसद कल्पनाथ ने मऊ जिले के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी लखनऊ से कल्पनाथ के साथ हेलीकाप्टर से मऊ पहुंचे थे।
एनडी तिवारी ने जीवनराम हास्टल के मैदान पर बने मंच से मऊ को नया जिला बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि आजमगढ़ जिले से अलग किए गए आठ ब्लाकों और बलिया जिले से एक ब्लाक रतनपुरा को मिलाकर नौ ब्लाकों का यह मऊ जिला होगा। मऊ जिला कई ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासतों को संजोये हुए है।
यहां रामायण एवं महाभारत कालीन सांस्कृतिक एवं पुरातत्विक अवशेष मिलते हैं। कहा जाता है कि त्रेतायुग में महाराज दशरथ के शासनकाल में इस स्थान पर ऋषियों की तपोभूमि थी। इसी तमसा तट पर आदि कवि महर्षि वाल्मिकी का आश्रम था। वन यात्रा के समय प्रथम रात्रि तमसा तट पर भगवान राम ने विश्राम किया था।