कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली बनारस की रहने वाली पूनम यादव की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने अनुशासनहीनता करने पर पूनम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।
पूनम ने नोटिस का जवाब और अपनी मेडिकल रिपोर्ट फेडरेशन को भेज दी है। वहीं फेडरेशन के अधिकारियों का कहना है कि पूनम ऐसा कौन सा इलाज करा रही हैं जो एनआईएस पटियाला में नहीं हो सकता था। पूनम यादव का कहना है कि वह चोटिल हैं और अपना इलाज दीनदयाल जिला अस्पताल में करा रही हैं।
पूनम के पिता कैलाश यादव का कहना है कि कुछ लोग हैं जो उनकी बेटी की सफलता से जल रहे हैं। जानबूझकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। फेडरेशन अगर पूनम को नहीं खेलने देगा तो वह अपने विभाग से ही खेलेगी। हमारी बेटी ने कोई गलती नहीं की है।
फेडरेशन के अधिकारियों का कहना है कि अगर पूनम चोटिल थी तो उसका बेहतर इलाज एनआईएस पटियाला के कैंप में हो सकता था। उसकी जांच और इलाज पूरी तरह से सरकारी खर्चे पर बेहतर ढंग से होता।
यह एक प्रक्रिया है और पूनम ने इसमें पूरी तरह से अनुशासनहीनता बरती है। वह एनआईएस पटियाला को छोड़कर वाराणसी के दीनदयाल जिला अस्पताल में कौन सा इलाज करा रही है।
फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल सहदेव ने इस मामले में कहा है कि एशियाड की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को घर न जाने का आदेश दिया गया था।
सभी खिलाड़ियों को महज राष्ट्रमंडल खेलों के सम्मान समारोह में जाने की इजाजत थी लेकिन वेटलिफ्टर पूनम यादव मनमानी करते हुए कैंप में शामिल नहीं हुईं। गोल्ड कोस्ट में गोल्ड जीतने वाले सभी खिलाड़ी कैंप में मौजूद हैं इसलिए पूनम को छूट देने की कोई बात ही नहीं बनती।