बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने मऊ में कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन में जिन्ना की फोटो लगना वाजिब है। जिन्ना एएमयू के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं।
जिलानी मऊ में एक शादी समारोह में आए थे। वह पहाड़पुरा ईदगाह पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल के आवास पर शनिवार की रात पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनाव की वजह से जिन्ना का मुद्दा चुनावी बना दिया गया है। राजनीतिक लाभ के लिए यह मुद्दा उठाया गया है। एएमयू में जिन्ना की तस्वीर 80 साल से लगी है।
राम मंदिर को लेकर श्रीश्री रविशंकर पर कहा कि विश्व हिंदू परिषद ही रविशंकर को स्वीकार नहीं कर रहा है तो मुसलमान क्यों स्वीकार करेंगे। कहा, राम मंदिर मसले में रविशंकर का आना समझ से परे है।
यह मामला कोर्ट में है और कोर्ट का फैसला ही सभी को स्वीकार होगा। तीन तलाक पर कहा कि सरकार ने जो बिल राज्य सभा में पेश किया है, अगर वैसा ही अध्यादेश आएगा तो पर्सनल लॉ बोर्ड उसको सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा, क्योंकि यह शरीयत और औरतों के हित के खिलाफ है।