मॉरीशस के राष्ट्रपिता की जयंती
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष हम शिवसागर रामगुलाम की 125वीं जयंती मना रहे हैं। जिन्होंने भारत और मॉरीशस के बीच अटूट सेतु की स्थापना की। यह दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में मार्गदर्शन करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी सिर्फ एक सहायता नहीं, बल्कि हमारे साझा भविष्य में निवेश है।
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‘जीएसटी व धन्यवाद’ लिखी तख्तियों से पीएम का स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को मॉरीशस के पीएम के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए काशी पहुंचे। बाबतपुर एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। यहां से प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचे। फिर सड़क के रास्ते नदेसर स्थित ताज होटल के लिए निकले। प्रधानमंत्री के काफिले का शंखनाद और हर-हर महादेव... के उद्घोष के साथ पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। रास्ते में स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
जीएसटी में बदलाव के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री का भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘जीएसटी और धन्यवाद’ लिखी हुई तख्ती लेकर स्वागत किया। छह स्थानों पर भाजपा पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री पर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की। लगभग 11.30 बजे प्रधानमंत्री ताज होटल पहुंचे। लंच के बाद करीब पौने तीन बजे वह बाबतपुर एयरपोर्ट से उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए।
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वहीं, मॉरीशस के पीएम नवीनचंद्र ने शाम को पत्नी वीना रामगुलाम के साथ क्रूज से गंगा आरती देखी। पीएम रामगुलाम शुक्रवार को काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद अयोध्या के लिए रवाना होंगे। वो 16 सितंबर तक भारत की यात्रा पर हैं। 2024 में फिर से प्रधानमंत्री बनने के बाद वह पहली विदेश यात्रा पर हैं। वार्ता के दौरान एनएसए अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अलावा भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी व उच्चायुक्त भी शामिल हुए।
लंच में भोजपुरी गीत और मॉरीशस संगीत
प्रधानमंत्री मोदी की ओर से होटल ताज में दिए गए लंच में खास बनारसी व्यंजन परोसा गया। इसमें पनीर लौंगलता, टिक्की टमाटर चाट, लस्सी, बनारसी कढ़ी पकौड़ी, लाल पेड़ा और बनारसी पान खास था। अतिथियों को बनारस के कलाकारों ने राग मल्हार और खमाज की धुन सुनाई। इसके अलावा मॉरीशस का भोजपुरी गीत भी सुनाया। राज्यपाल आनंदीबेन की ओर से मॉरीशस के प्रधानमंत्री को रात्रिभोज दिया गया।