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कानपुर से पीडीडीयू सेक्शन के बीच रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम का काम कर रही चीनी कंपनी से टेंडर छीना

Thu, 18 Jun 2020 05:59 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
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डीएफसीसीआईएल (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) ने गुरुवार को पीडीडीयू नगर-कानपुर रेलखंड के बीच सिग्नल स्थापित करने का कार्य कर रही चाइना आधारित कंपनी के 471 करोड़ रुपये के कार्य के करार को समाप्त करा दिया है। इसे भारत-चीन सीमा बढ़े तनाव के मद्देनजर की गई कार्रवाई माना जा रहा है। कंपनी के अधिकारी इसे कार्य में धीमी प्रगति केे कारण की गई कार्रवाई बता रहे हैं।

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डीएफसीसीआईएल की ओर से देशभर में थर्ड रेल लाइन के विस्तार का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत रेल ट्रैक बिछाने, सिग्नल व विद्युतिकरण जैसे कई कार्य देश-विदेश की बड़ी कंपनियों से कराए जा रहे है। डीएफसीसीआईएल ने गुरुवार को चाइना आधारित मेसर्स बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टिट्यूट ऑफ सिग्नल एंड कम्यूनिकेशन ग्रुप कंपनी लिमिटेड के सिग्नल से जुड़े कार्य के करार को निरस्त कर कर दिया।
 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
कंपनी को पीडीडीयू नगर-कानपुर रेलखंड में 417 किलोमीटर में सिग्नल के डिजाइन बनाने से लेकर उसे लगाने तक का कार्य दिया गया था। 471 करोड़ रुपये का यह ठेका डीएफसीसीआईएल ने कंपनी को जून 2016 में दिया था। चार साल में कंपनी द्वारा पूरे कार्य का सिर्फ बीस प्रतिशत ही कार्य किया गया था। आरोप है कंपनी की ओर से निर्धारित कार्य के प्रति लगातार लापरवाही बरती जा रही थी।

वर्क साइट पर कंपनी की ओर से न तो इंजीनियर भेजे गए थे। कार्य में लापरवाही को देखते हुए डीएफसीसीआईएल ने कंपनी का ठेेका रद्द करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि भारत-चीन सीमा पर बढ़े हुए तनाव के बाद आए इस निर्णय को सीमा हुए घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। इस संबंध में डीएफसीसीआईएल महाप्रबंधक (ऑपरेशन) वेदप्रकाश ने बताया कि चार वर्ष के भीतर कार्य की धीमी गति को देखते हुए कंपनी के ठेके को निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
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