बनारस पहुंचे जाने-माने रक्षा विशेषज्ञ पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने कहा कि भारत पाकिस्तान से हर स्थिति में निबटने में सक्षम है लेकिन यह वक्त पाकिस्तान को गोली-बारूद से नहीं बल्कि कूटनीति से करारा जवाब देने का है। इसके लिए वैश्विक स्तर पर भारत को स्मार्ट पहल करनी होगी।
बीएचयू शताब्दी कृषि सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंथन में आए पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि जिस तरह पाकिस्तान कूटनीति की राह चल रहा है, उसी तरह भारत को भी उसी रास्ते पर चलकर जवाबी रणनीति बनानी होगी।
सीमा पर सीजफायर उल्लंघन, आंतरिक सुरक्षा पर कहा कि भारतीय फौज पूरी तरह दक्ष और सक्षम है। पाकिस्तान को यह समझना होगा कि अगले 100 साल तक वह कश्मीर के अंदर चाहे कितनी भी दखलंदाजी कर ले उसकी मंशा कभी कामयाब नहीं होगी। पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का है।
पीओके को हर हाल में वापस लेने का भारत प्रयास करेगा। पाक-चीन दोस्ती पर कहा कि पाकिस्तान यह समझ रहा है कि चीन उसके साथ है लेकिन ऐसा हमेशा के लिए नहीं बल्कि यह रिश्ता कुछ ही समय के लिए है।
सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए भारत पहले ही यह संदेश दे चुका है कि हद से अधिक बढ़ोगे तो बर्बाद कर देंगे। यह भी स्पष्ट किया कि यह सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान आर्मी के खिलाफ नहीं बल्कि आतंकवादी कैंप पर की गई थी।
जातिवाद पर कहा कि पाकिस्तान से अधिक मुसलमान भारत में हैं। भारतीय सेना में भी मुसलमानों की कमी नहीं है लेकिन सेना कोई हिंदू-मुसलमान नहीं होता। सबका एक ही धर्म राष्ट्रीयता होती है।