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MLC Chunav Result: वाराणसी में कायम रहा बृजेश सिंह का दबदबा, एमएलसी चुनाव में पत्नी अन्नपूर्णा को मिली जीत, भाजपा तीसरे स्थान पर

Tue, 12 Apr 2022 12:23 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

24 वर्ष से बनारस की इस सीट पर केंद्रीय जेल में बंद बृजेश सिंह या उनके परिवार का ही कब्जा रहा है। निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह के बड़े भाई उदयभान सिंह उर्फ चुलबुल सिंह 1998 में एमएलसी बने थे।
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एमएलसी चुनाव में बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा को मिली जीत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की पहड़िया मंडी में मंगलवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना 11 बजे समाप्त हो गई। वाराणसी में तीन उम्मीदवार मैदान में थे, जिसमें निर्दल प्रत्याशी के रूप में बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह भी थीं। उन्होंने जीत हासिल कर बृजेश सिंह का दबदबा कायम रखा।

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वहीं भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुदामा सिंह पटेल तीसरे स्थान पर रहे। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार उमेश यादव दूसरे स्थान पर रहे। पहले चरण की मतगणना में उमेश यादव को 171, डॉ. सुदामा पटेल को 103 और  अन्न पूर्णा सिंह को 2058 मत मिले थे। अंतिम चक्र की मतगणना के के बाद उमेश यादव (सपा) 345 मत मिले, जबकि डॉ. सुदामा पटेल (भाजपा) को 170 मत ही प्राप्त हो सके।

वहीं बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह (निर्दलीय) ने 4234 मत पाकर एक बार फिर एमएलसी की सीट पर अपना कब्जा जमा लिया। इसमें 127 मतपत्र निरस्त रहे। वाराणसी में प्रथम श्रेणी की मतगणना 8 टेबलों पर पूरी की गई जिसमें सभी मत पेटियां खोल कर मतपत्र निकाले गए और उनके 25-25 के बंडल बनाए गए थे।  
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वाराणसी अंतिम चक्र की मत गणना के उपरांत परिणाम 

उमेश यादव (सपा) - 345 मत
डॉ. सुदामा पटेल (भाजपा) - 170 मत
अन्न पूर्णा सिंह (निर्दलीय)- 4234 मत
निरस्त मतपत्र - 127
कुल - 4876 मत 
निरस्त मत को हटाते हुए कुल वैद्य मत = 4749
जीतने हेतु आवश्यक कोटा = (4749/2) + 1 = 2375
अन्न पूर्णा सिंह निर्धारित कोटा से ज्यादा मत प्राप्त कर विजयी हुईं।  
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24 वर्ष से बनारस की इस सीट पर केंद्रीय जेल में बंद बृजेश सिंह या उनके परिवार का ही कब्जा रहा है। निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह के बड़े भाई उदयभान सिंह उर्फ चुलबुल सिंह एमएलसी सीट पर 1998 में एमएलसी बने। दो बार एमएलसी चुने गए और पंचायत चुनाव में उनका दबदबा जगजाहिर है।

इसके बाद 2010 में बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह बसपा के टिकट से इस सीट पर एमएलसी बनीं। इसके बाद वर्ष 2016 में बृजेश सिंह मैदान में उतरे तो भाजपा ने उन्हें समर्थन दिया और उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं उतारा।  
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