पूर्वांचल में सीमेंट-स्टील और कोयला के कारोबार से जुड़े व्यवसायी बंधुओं के प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और आवासों पर आयकर विभाग ने 56 घंटे तक सर्च एंड सीजर की कार्रवाई कर 20 करोड़ से अधिक की कर चोरी पकड़ी है। कारोबारी के आठ कार्यालयों के अलावा छह बैंकों के लॉकर और खाते सीज कर दिए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 150 से अधिक शेल कंपनियां बनाकर निवेश किया गया और कारोबार में घाटा दिखाकर कर चोरी की गई।
शेल कंपनियों की संपत्तियां बेनामी घोषित कर जब्त की जाएंगी। पूर्वांचल से बिहार समेत कई प्रांतों तक फैले विपिन और संजीव अग्रवाल समूह के 21 ठिकानों पर एक साथ हुई कार्रवाई में कई अहम जानकारियां आयकर महकमे के हाथ लगी हैं। सीमेंट, कोयला, स्टील और सॉल्वेंट के कारोबार से जुड़े समूह के प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर कार्रवाई शनिवार की शाम पूरी कर ली गई थी लेकिन जवाहर नगर, दुर्गाकुंड और लंका स्थित आवासों पर कार्रवाई रविवार की शाम चार बजे तक चली। तकरीबन 56 घंटे तक चली छापेमारी के बाद बड़े पैमाने पर कर चोरी का खुलासा हुआ।
अपर निदेशक (जांच) अभय ठाकुर ने बताया कि शुरुआती छानबीन में 20 करोड़ से अधिक की कर चोरी पकड़ी गई है। अग्रवाल समूह से जुड़े प्रबंधन ने 150 से ज्यादा शेल कंपनियों के करोड़ों रुपये के शेयर खरीदे हैं और खुद के पैसे को अपने कर्मचारियों, चालकों के नाम पर दिखाया है। साथ ही, इन शेल कंपनियों के माध्यम से आयकर रिटर्न में कम आय दिखाकर कर चोरी की गई।
कोलकाता के जिस पते पर कंपनियों का पंजीकृत होना बताया गया था, वहां जांच में कंपनियां फर्जी निकलीं। शेल कंपनियों की संपत्तियां बेनामी घोषित कर जब्त की जाएंगी।
खरीद-बिक्री के स्टॉक रजिस्टर, अभिलेखों, कंप्यूटर हार्डडिस्क, लैपटॉप, जमीन की खरीद-फरोख्त के दस्तावेजों के साथ ही कारोबारी के सीए के यहां से मिले अहम कागजात जब्त किए गए हैं। कई अभिलेखों में कर चोरी की मंशा से छेड़छाड़ भी पकड़ में आई है। जब्त किए गए दस्तावेजों और इनकम टैक्स रिटर्न की विस्तृत छानबीन जारी है।