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इनामी बंधन सिंह

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आजमगढ़। अजीत सिंह हत्याकांड के आरोपी बंधन सिंह ने पूर्व के एक अन्य मामले में जमानत तुड़वा कर बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे अपर सत्र न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट अनिल कुमार वर्मा के न्यायालय में समर्पण कर दिया। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसकी तलाश में एसटीएफ के साथ लखनऊ और आजमगढ़ की पुलिस लगी थी। उसने समर्पण की भनक पुलिस को लगने नहीं दी। शाम तीन बजे सीओ सिटी के साथ पुलिस न्यायालय पहुंची और उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
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मऊ जिले के गोहना मोहम्मदाबाद के पूर्व ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख व पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के मुख्य गवाह अजीत सिंह की गत छह जनवरी को लखनऊ के कठौचा चौराहे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के तार आजमगढ़ जेल से जुड़े हैं। हत्या में कुख्यात ध्रुव कुमार सिंह कुंटू, अखंड प्रताप सिंह, गिरधारी मुख्य रूप से नामजद किए गए थे। वारदात को अंजाम देने में जिन लोगों का खुलासा लखनऊ पुलिस ने किया है, उसमें जिले के दो आरोपी चंदन उर्फ बंधन सिंह निवासी कबूतरा थाना तरवां व अंकुर निवासी सिधारी थाना क्षेत्र शामिल है। अजीत की हत्या के बाद बंधन पर 25 हजार का इनाम भी घोषित हो गया था। पुलिस दोनों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन एसटीएफ व पुलिस की सारी कवायद को धता बताते हुए बंधन सिंह ने बृहस्पतिवार को दीवानी न्यायालय के गैंगेस्टर कोर्ट में समर्पण कर दिया। वह दोपहर 12 बजे ही न्यायालय में पहुंच गया था। समर्पण होने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी हुई। लगभग तीन बजे सीओ सिटी राजेश तिवारी के नेतृत्व में शहर कोतवाली, सिधारी व तरवां थाना पुलिस न्यायालय पहुंची और बंधन सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
इंसेट:
लखनऊ में लगाई थी समर्पण की अर्जी
अजीत हत्याकांड में आरोपित बंधन सिंह ने अपनी जमानत के लिए लखनऊ न्यायालय में अर्जी लगाई थी। इसके बाद भी जनपद पुलिस सतर्क नहीं हुई। पुलिस का ध्यान भटकाते हुए उसने पुराने मामले में जमानत तोड़वा कर आजमगढ़ न्यायालय में समर्पण कर दिया। उस पर जिले के विभिन्न थानों में लगभग आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। इसमें एक मामला गैंगेस्टर का बरदह थाना में दर्ज है। इसी मामले में वह जमानत पर था। इसके अलावा तरवां में एक व बरदह थाने में चार मामले विभिन्न धाराओं में दर्ज है।
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