संकटमोचन-मानस मंदिर के बीच स्थित त्रिदेव मंदिर में रविवार को सावन की यादगार झांकी सजाई गई। वृंदावन के कारीगरों के बनाए फूल बंगले में राधा-कृष्ण के जल विहार की देखते बनी।
झील में भगवान का झूला डाला गया। ऊंचे द्वारों की रंग-बिरंगे लतर और फूलों से की गई सजावट हर किसी का ध्यान खींच रही थी। बर्फ की सिल्लियों से होकर भक्तों ने मंदिर में राणी सती, सालासर हनुमान और खाटू वाले श्याम की झांकियों के दर्शन किए।
सविधि पूजा के बाद सुबह छह बजे शृंगार झांकी के पट खोल दिए गए।इसी के साथ मंदिर में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। तरह-तरह के फूलों के वंदनवारों से होकर भक्त मंदिर में प्रवेश कर रहे थे।
इस दौरान भीड़ उमड़ने से शाम को संकटमोचन- मानसमंदिर मार्ग पर जाम की स्थिति रही। पुरुषों के अलावा महिलाओं , बच्चों का रेला उमड़ता रहा। मंदिर परिसर में झील के बीच राधा-कृष्ण की झांकी सजाई गई थी।
गेंदा, गुलाब के फूलों और अशोक-कामिनी की पत्तियों से 20 फीट ऊंचा शिवलिंग का द्वार झांकी स्थल तक पहुंचने के लिए बनाया गया था। झील में हंस, बगुले, सांप विचरण करते नजर आ रहे थे।
भरत सराफ, राधेगोविंद केजरीवाल, सुरेश तुलस्यान समेत तमाम भक्तों ने झांकी दर्शन की व्यवस्था संभाली। देर रात तक मंदिर परिसर में भजनों की गूंज पर भक्त थिरकते-झूमते रहे।