पूर्वांचल में बारिश के चलते ठंड लौट आई है। आसमान में लगातार दो दिनों तक बादल छाए रहेेंगे। होली के दिन भी गुलाबी ठंड बनी रहेगी। अचानक बदले मौसम ने शहर में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़कों पर फिसलन हो गई है। किसानों को भी इसकी मार झेलनी पड़ी है। सुबह से जारी रिमझिम बारिश के चलते पारा तेजी से गिरा है। पिछले दो दिनों में पारा तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरा है।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते शुरू हुई रिमझिम के दौरान हवा के रुख बदलने से आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया है। चार मार्च तक बादल छाए रहेंगे। सोमवार को 15 से 20 किमी रफ्तार से चली पुरवाई ने गेहूं और दूसरी खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया।
पश्चिमी विक्षोभ की एक और ब्रांच पांच मार्च तक जम्मू पहुंचेगी। इससे हफ्ते भर मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने का अंदेशा है। बीएचयू के मौसम विभाग ने रविवार को अधिकतम तापमान जहां 26 डिग्री रिकार्ड किया था, वहीं सोमवार को तीन डिग्री की गिरावट पर 23 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 17 डिग्री से घटकर 16 डिग्री पर आ गया।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते अरब सागर से चली हवाओं में नमी की वजह से जम्मू से लेकर हिमाचल, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, यूपी, बिहार, ओडिसा तक आसमान में बादल ठहर गए हैं। इससे दो दिन से शुरू बूंदबादी अभी टिक सकती है।
बीएचयू की ग्रामीण मौसम कृषि सेवा इकाई के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि पूरे मध्य भारत के आसमान बादलों से भरे हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. आरएस सिंह ने बताया कि होली पर ठंड का असर बने रहने के आसार हैं। दलहनी, तिलहनी फसलों को 10 फीसदी नुकसान होने की उन्होंने आशंका जताई। चार मार्च से पहले अब मौसम खुलने के आसार नहीं है। इसके बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, ठंड का असर सुबह के वक्त बढ़ जाएगा। इससे होली पर ठंड अपना रंग जमा सकती है।