गंगा में प्रतिमा विसर्जन को लेकर गोदौलिया चौराहे पर 30 घंटे से धरने दे रहे लोगों पर पुलिस ने मंगलवार की रात करीब 1:15 बजे लाठी चार्ज कर दिया। पुलिस और और पीएसी ने पहले तो लोगों को चौराहा खाली करने की चेतावनी दी। विरोध में लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
इसके बाद पुलिस ने भीड़ को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। स्वामी अविमुुक्तेश्वरानंद और बाबा बालक दास को भी पुलिस ने दौड़ा कर पीटा। लोगों ने भी पुलिस पर पथराव किया। चौराहे पर अफरातफरी के बीच भगदड़ मच गई। लाठीचार्ज में 15 से ज्यादा लोग घायल हुए। पुलिस ने करीब 25 से ज्यादा लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
देर रात प्रशासन गणेश प्रतिमा को अपने कब्जे में लेकर विश्वसुंदरी पुल के पास स्थित तालाब विसर्जित करने की तैयारी में जुट गया। श्रीकाशी मराठा गणेशोत्सव समिति के सदस्यों का 30 घंटे बाद भी जारी है। उनको समर्थन देने साधु-संत भी समर्थन देने पहुंचे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और बालक दास ने तो अन्न-जल त्याग दिया है। डोम राजा परिवार ने मणिकर्णिका घाट पर चिताएं को अग्नि देना रोक दिया है।
विहिप, बजरंग दल और हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों ने दिन में बाजार बंद कराया। गोदौलिया, चौक और दशाश्वमेध क्षेत्र के बाजार तो पूरी तरह बंद रहे लेकिन लंका, नई सड़क में ंदूकानें बंद कराने पहुंचे तो पुलिस उन्हें खदेड़ दिया। दिन में कई बार आंदोलनकारियों की ओर से पत्थर और पानी की बोतलें फेंकी गईं। जवाब में पुलिस को कई बार लाठियां पटकीं, जिससे भगदड़ मची और कुछ लोग चुटहिल भी हुए।
सोमवार को मारवाड़ी के सामने पुलिस ने शाम छह बजे विसर्जन शोभायात्रा रोक दी थी, जिससे नाराज होकर पूजा समिति के लोग धरने पर बैठ गए थे। उसके बाद से उनके समर्थन में भीड़ जुटने लगी और सारी रात लोग धरने पर बैठे रहे। एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय और एसपी सिटी सुधाकर यादव सारी रात उन्हें आंदोलन समाप्त करने के लिए समझाते रहे लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं हुआ।
सुबह धरनास्थल पर भीड़ का दबाव बढ़ने लगा तब कई थानों की फोर्स और पीएसी बुला ली गई। दिन के नौ बजे पातालपुरी पीठ के महंत बालक दास, साध्वी हरिसिद्धि के अलावा कुछ अखाड़ों के भी साधु पहुंच गए। दिन के 11:30 बजे विहिप, बजरंग दल, हिंदू युवा वाहिनी, शिव सेना के कार्यकर्ता बाजार बंद कराने लगे। उन्होंने दशाश्वमेध, गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, मैदागिन, गिरजाघर, नई सड़क, लक्सा, जंगमबाड़ी तक दूकानों को बंद करा दिया लेकिन लंका, नई सड़क, बेनियाबाग में उन्हें पुलिस ने खदेड़ दिया।
लंका में हिंदू युवा वाहिनी के एक कार्यकर्ता को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। नवसंघ पूजा समिति के संयोजक असित दास, गोल्डेन क्लब के अध्यक्ष अमर बोस और केंद्रीय पूजा समिति के पदाधिकारी, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, कई संतों के साथ आकर धरने पर बैठ गए। उनके आते ही पुलिस विरोधी नारेबाजी होने लगी।
सैकड़ों युवकों ने गंगा में विसर्जन के लिए मूर्ति लेकर बढ़ने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया लेकिन मराठा समिति के संयोजक चक्रवर्ती विजय नावड़ और केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष वागीश दत्त मिश्र शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए उन्हें समझाते रहे। अविमुक्तेश्वरानंद और महंत बालक दास ने अन्न-जल का परित्याग करने की घोषणा की।
शाम चार बजे फिर कुछ युवकों ने सड़कों पर कुछ वाहनों को गिरा दिया और दुकानें बंद कराने लगे।
रात में साढ़े आठ बजे पथराव कर कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। देर रात साढ़े बारह बजे तक प्रदर्शनकारी गंगा में मूर्ति विसर्जन करने की अपनी जिद पर जहां अड़े थे, वहीं प्रशासन भी कुछ सुनने के लिए तैयार नहीं था।
धरना दे रहे भाजपा के दयाशंकर मिश्र दयालु, संतोष पाटिल, अन्न मोरे, राजेंद्र तिवारी, तिलक राज मिश्र समेत सैकड़ों लोगों का कहना था कि प्रशासन के सुझाए गए वैकल्पिक स्थलों पर हरगिज मूर्ति विसर्जन नहीं किया जाएगा।