वाराणसी। पुरानी पेंशन योजना लागू करने, वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय देने, तदर्थ शिक्षकों को विनियमित करने सहित कई मांगों को लेकर शिक्षकों का मूल्यांकन बहिष्कार लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। वहीं मंगलवार को राजकीय क्वींस कालेज में कापी जांचे जाने की खबर से हंगामा मचा रहा।
आरोप है कि सोमवार को किसी बाहरी व्यक्ति को बुलाकर रसायन विज्ञान इंटर की 46 कापियां जंचवाई गई। बाद में इसकी भनक लगने पर उप प्रधान परीक्षक ने इसकी शिकायत मंगलवार को प्रधानाचार्य से की। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रधानाचार्य के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
सोमवार से मूल्यांकन का काम शुरू हुआ था। इस दौरान केवल राजकीय क्वींस में महज 250 कापियां जंची थी जबकि चार अन्य कालेजों में एक भी कापियां नहीं जांची गई थी।
उधर, मंगलवार को मूल्यांकन के दूसरे दिन भारतीय शिक्षा मंदिर इंगलिशिया लाइन, क्वींस कालेज, जेपी मेहता इंटर कालेज समेत अन्य मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक मूल्यांकन का कार्य नहीं किया जाएगा। इस दौरान शिक्षक समय से केंद्र पहुंचे जरूर लेकिन किसी ने कापी नहीं जांची।
वहीं, क्वींस कालेज में रसायन विज्ञान की कापी जंचने की खबर मिली तो शिक्षक आक्रोशित हो गए। पूछताछ करने पर पता चला कि संबंधित बंडल की कापी उप प्रधान परीक्षक गौरव कुमार चौरसिया के देखरेख में जंचनी थी लेकिन उन्हें इस बारे में कोई जानकारी हीं नहीं दी गई।
प्रधानाचार्य को दिए गए शिकायती पत्र में चौरसिया ने बाहरी व्यक्ति से कापी जांचे जाने के मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उधर, प्रधानाचार्य लालजी यादव ने शिक्षकों के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि किसी भी बाहरी व्यक्ति से कापी नहीं जंचवाई गई।