वाराणसी। ईंट निर्माता परिषद के बैनर तले मंगलवार से तीन दिवसीय पांचवां ट्रेनिंग कम एक्सपोजर कार्यक्रम का शुभारंभ कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में हुआ। कार्यक्रम में शामिल देश-प्रदेश के विभिन्न ईंट निर्माताओं को नई तकनीकों से अवगत कराया गया।
वहीं ईंट उत्पादन में आ रही परेशानियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से अनुमति लेकर ईंट-भट्ठा चलाने का मुद्दा पूरे दिन छाया रहा।
परिषद के जिला अध्यक्ष कमलाकांत पांडे ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्ब्यिूनल का मुद्दा हाईकोर्ट में जबतक विचाराधीन है तब तक उन्हें बेरोकटोक ईंट उत्पादन करने दिया जाए। इस दौरान लोक निर्माण व सिंचाई राज्य मंत्री सूरेंद्र पटेल से उन्होंने आग्रह किया कि इस बार मौसम की मार केवल किसानों को ही बल्कि ईंट भट्ठा मालिकों को भी झेलनी पड़ सकती है।
लिहाजा इस उद्योग से जुड़े लोगों को भी मुआवजा या फिर करों में कटौती की जाए। इस पर मुख्य अतिथि सूरेंद्र पटेल ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री को इस समस्या से अवगत कराया जाएगा। राज्य मंत्री ने कहा कि ईंट-भट्ठा उद्योग को भी समय के साथ बदलना होगा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने भी आवश्यक सुझाव दिए। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कोटा रीजन के रीजनल अधिकारी राजीव पारिक ने भी ईंट निर्माताओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी। संचालन ओपी बदलानी व धन्यवाद परिषद के महासचिव एसपी सिंह ने दिया। कार्यक्रम में तमिलनाड़ु, राजस्थान, बिहार, पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा आदि राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए।