बाबा के धाम में डमरू की निनाद संग गूंजा शंखनाद
1051 शंखवादकों ने विश्व रिकॉर्ड के लिए 35 मिनट तक बजाया शंख
हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हुआ बाबा का दरबार
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। नव्य, भव्य और दिव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम में एक जनवरी का दिन ऐतिहासिक हो गया। बाबा के धाम में डमरू की निनाद के साथ 1051 शंख के नाद से ही विश्व कीर्तिमान के लिए बनारस ने अपने कदम बढ़ा दिए। मंदिर के आसपास का संपूर्ण इलाका शंख और डमरू की निनाद से गुंजायमान होता रहा। शंखवादकों ने शंख बजाकर महादेव के दरबार में विश्व में सुख, समृद्धि, आरोग्य, महामारी से मुक्ति और शांति की कामना की।
शनिवार को काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अंतर्गत संस्कृति विभाग की ओर से हुए आयोजन में पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने जैसे ही हर-हर महादेव के जयघोष के साथ शंखनाद किया तो धाम का चौक क्षेत्र सहस्त्र शंख और डमरू की निनाद से गूंजने लगा। 35 मिनट तक शंख वादकों ने निरंतर शंखवादन कर पूरे धाम क्षेत्र को अध्यात्म और सकारात्मक ऊर्जा की तरंगों से तरंगित कर दिया। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सुबह आठ बजे से ही पंजीकृत सदस्यों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। विभिन्न स्कूल, महाविद्यालय, संगीत विद्यालय, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को छोटे-छोटे समूहों में विश्वनाथ चौक में खड़ा किया गया था। उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिसा, मणिपुर और असम के लोगों ने भी पारंपरिक परिधान धारण कर शंखनाद किया। उद्घाटन प्रदेश के पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी, एनसीजेडसीसी के निदेशक प्रो. सुरेश शर्मा, डॉ. गौरी बासु और विद्यासागर राय ने किया। अतिथियों का स्वागत एडीएम सिटी गुलाब चंद, बच्चू सिंह, गिरीश ने किया। संयोजन व संचालन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र डॉ. सुभाष चन्द्र यादव ने किया। इस दौरान संयोजन में शील द्विवेदी, तापस बासु, पीयूष तिवारी, अमित कुमार, प्रशांत राय, केडी, अंगिका मिश्रा, श्रुति प्रकाश, अतुल कुमार सिंह, अभिषेक राय, जितेंद्र, शिवम यादव, योगेश, कुमार आनंद पाल, पंचबहादुर ने सहयोग किया।
भेजा जाएगा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए
क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रभारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि शंखनाद के आयोजन को गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए भेजा जाएगा। पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई है। एक साथ 35 मिनट तक 1051 शंखवादकों ने शंखवादन का नया रिकॉर्ड बनाया गया है।
शंखनाद का यह आयोजन बेहद अद्भुत था। इसमें प्रतिभाग करके मुझे भी इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। -स्वरा आर्या
बाबा विश्वनाथ के धाम में शंखनाद करके एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। हम लोग कई दिनों से शंखनाद का अभ्यास कर रहे थे। -वैष्णवी उपाध्याय
काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता का एक हिस्सा बनकर मन में उल्लास है। शंखनाद के जरिए बाबा से विश्व में शांति की कामना की।-भोलानाथ पांडेय
शंखनाद के जरिए बाबा विश्वनाथ से विश्व के कल्याण की कामना की और इस आयोजन का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। -शिवेश द्विवेदी