फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना: डेल्टा प्लस वैरिएंट का पता लगाने में जुटे बीएचयू के वैज्ञानिक, पूर्वांचल में लोगों के लिए जा रहे सैंपल

Sun, 11 Jul 2021 04:12 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

एमआरयू लैब में अब तक 250 सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग में कोई मरीज नहीं मिला है। वाराणसी, प्रयागराज समेत पूर्वांचल के कई जिलों के सैंपल की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
काशी हिंदू विश्वविद्यालय।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्वांचल में गोरखपुर, देवरिया में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मरीज मिलने के बाद अब सतर्कता बढ़ा दी गई है। आईएमएस बीएचयू में भी वैज्ञानिक सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग कर डेल्टा वैरिएंट का पता लगाने में लगे हैं। अब तक आईएमएस बीएचयू के एमआरयू लैब में 250 सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग में एक भी मरीज में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है।

विज्ञापन


प्रदेश सरकार की पहल पर ही आईएमएस बीएचयू में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पहचान के लिए ही यहां वाराणसी, प्रयागराज, आजमगढ़, गोरखपुर आदि जिलों से आने वाले कोरोना सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग कराई जा रही है।

आईएमएस बीएचयू के वैज्ञानिक के साथ ही करीब 50 लोगों की टीम जीनोम सिक्वेंसिंग के माध्यम से यह पता लगाने में लगे हैं कि आखिर कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा प्लस वैरिएंट कैसे पहुंचा। एमआरयू लैब की नोडल अफसर प्रो. रोयाना सिंह का कहना है कि अभी वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर के सैंपल की जांच की जा रही है। गोरखपुर, प्रयागराज़ समेत पूरे पूर्वांचल की सैंपलिंग का काम भी जल्दी शुरू होगा।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

सिटी वैल्यू 25 से कम वाले सैंपल की ही सिक्वेंसिंग
प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट की पहचान के लिए आरटीपीसीआर जांच के लिए आए हुए ऐसे सैंपल, जिसकी सिटी वैल्यू 25 से कम है, उसी की जीनोम सिक्वेसिंग कराई जा रही है। इसके अलावा ब्लैक फंगस और वैक्सीन लगवाने के बाद जो लोग कोरोना पॉज़िटिव हुए है, उनके सैंपल की भी जीनोम सिक्वेंसिंग हो रही है। बताया की जीनोम सिक्वेंसिंग की संख्या बढ़ा कर दो हजार तक करनी है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें