वाराणसी। श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज में रविवार को पुरातन छात्रा समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व महापौर मृदुला जायसवाल ने कहा कि स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसेन महाविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान है। यह उत्तर प्रदेश का प्रथम स्वायत्तशासी महिला महाविद्यालय है, जिसने स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कॉलेज जीवन से जुड़ी अपनी यादों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे अंदर भी राजनीतिक चेतना का सृजन इसी महाविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने के दौरान हुआ था।
प्रोफेसर मिथिलेश सिंह ने कहा कि पुरातन का संबंध केवल अतीत से नहीं होता, बल्कि इस पर वर्तमान एवं भविष्य निर्भर करता है। इस दौरान विशिष्ट अतिथि वनस्पति विभाग बीएचयू के प्रो. नीलम अत्री, जौनपुर की जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, पं. कमलापति त्रिपाठी राजकीय पीजी कॉलेज चंदौली की प्रवक्ता डॉ. संगीता, प्रबंधक डॉ. मधु अग्रवाल और डॉ. रूबी शाह ने भी विचार रखे। महाविद्यालय की आज तक की विकास यात्रा पर आधारित वृत्तचित्र प्रस्तुत किया गया। संचालन प्रो. आभा सक्सेना और धन्यवाद डॉ. मंजरी श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर प्रो. अनीता सिंह, डॉ. शृंखला, डॉ. नंदिनी पटेल, डॉ. उषा चौधरी, डॉ. सीमा अस्थाना मौजूद रहीं।