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वाराणसी: आयुर्वेद महाविद्यालय के सामने अवैध बस स्टैंड से लगता है जाम, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई

Sat, 30 Apr 2022 01:17 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं महाविद्यालय के सामने अवैध तरीके से संचालित हो रहा बस स्टैंड मरीजों के लिए दिन ब दिन खतरनाक होता जा रहा है।
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आयुर्वेद महाविद्यालय के पास सड़क पर खड़ी बसें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के सामने यह नजारा बेहद आम है। हर दिन मरीज, तीमारदार और चिकित्सकों को जाम की समस्या से दो चार होना पड़ता है। महाविद्यालय के सामने अवैध स्टैंड ने अपनी जड़ें जमा ली हैं और अब तो यह चौकाघाट पर जाम का सबसे बड़ा कारण है। आम आदमी ही नहीं अधिकारियों की गाड़ियां भी जाम में फंसती हैं, हूटर बजते रहते हैं, लेकिन चालकों पर कोई असर नहीं पड़ता है। 

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चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं महाविद्यालय के सामने अवैध तरीके से संचालित हो रहा बस स्टैंड मरीजों के लिए दिन ब दिन खतरनाक होता जा रहा है। बसों से होने वाला शोर और जाम मरीजों को परेशान करता है, लेकिन शिकायत के बाद भी अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। े

महाविद्यालय के सामने बसों की लंबी कतार एक तरफ संस्कृत विश्वविद्यालय तो दूसरी तरफ चौकाघाट तक लगी रहती है। कंडक्टर व खलासी सवारी बैठाने के लिए जोर-जोर से आवाज लगाते हैं और चालक बस को स्टार्ट कर हार्न भी बजाते रहते हैं।

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धीरे-धीरे आबाद हुआ चौकाघाट पर बस स्टैंड

चौकाघाट बस स्टैंड - फोटो : अमर उजाला
शहर के अंदर अवैध बस स्टैंड को हटाने के लिए दो-दो बार पहल हुई। इसे हटाकर आशापुर में किया गया था। कई दिनों तक बसों का संचालन हुआ। बस संचालकाें के दबाव पर इसे आशापुर से हटाकर पीलीकोठी से चलाने पर सहमति बनी, लेकिन अधिकारियों के जाने के बाद धीरे-धीरे बस स्टैंड चौकाघाट में आबाद हो गया है। 

शिकायत और पत्राचार के बाद भी नहीं हटा स्टैंड
प्राचार्य प्रो. नीलम गुप्ता ने बताया कि चालकों की मनमानी का आलम यह है कि बसों को अंदर तक खड़ा कर देते हैं। मरीजों के वाहन और कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार तो हम लोगों के वाहन भी अंदर नहीं पहुंच पाते हैं। इसकी शिकायत कई बार पत्र के माध्यम से अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महाविद्यालय के कर्मचारी जब इन्हें टोकते हैं तो वह हाथापाई पर उतर आते हैं।
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