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काशी विश्वनाथ मंदिर की दीवारों को पेंट ने पहुंचाया नुकसान, क्षरण रोकने के उपाय सुझाएगा आईआईटी रुड़की

Tue, 27 Aug 2019 02:19 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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काशी विश्वनाथ मंदिर की दीवारों और पत्थरों का क्षरण रोकने के उपाय आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ बताएंगे। सात सदस्यीय टीम ने सात दिनों की जांच में पाया है कि पेंट में मिले केमिकल ने मंदिर के पत्थरों को काफी नुकसान पहुंचाया है। इसे कैसे सही किया जा सकता है, इसका अध्ययन करने के बाद टीम एक माह बाद मंदिर प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद मंदिर प्रशासन इस पर काम कराएगा।

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काशी विश्वनाथ मंदिर की दीवारें काफी पुरानी हो चुकी हैं और इनके कुछ हिस्सों का क्षरण हो रहा हैं। इसे रोकने के लिए मंदिर प्रशासन ने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से जांच कराने के लिए पत्र लिखा था।

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आईआईटी रुड़की के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो उमेश कुमार के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम मंदिर की जांच करने काशी पहुंची। सात दिनों तक टीम ने मूल मंदिर के साथ ही भगवान दंडपाणि महादेव और बैकुंठ महादेव मंदिर की दीवारों और शिखर की जांच की। इसके बाद टीम लौट गई है।

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प्रो उमेश कुमार ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के स्ट्रक्चर की जांच की गई है। मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए इसे किस तरह संरक्षित किया जाए, इसका अध्ययन किया जा रहा है। मंदिर के कुछ हिस्सों में काफी पहले पेंट लगा दिया गया था। इसमें मिले केमिकल से पत्थरों को काफी नुकसान पहुंचा है।

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इन बिंदुओं पर हुई जांच :
आईआईटी रुड़की की टीम ने मूल मंदिर के चारों दरवाजों, फर्श, नींव और दीवारों की जांच की। गर्भ गृह में जाकर अंदर से शिखर का निरीक्षण किया। बैकुंठ महादेव के शिखर और खंभों की भी जांच की गई। दंडपाणि महादेव के गर्भ गृह के निरीक्षण के बाद नींव आदि का अध्ययन किया गया है। टीम ने मंदिर के बाहरी आवरण को नुकसान पहुंचाने वाले कारण भी तलाशे।
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धाम से पहले मंदिर किया जाएगा संरक्षित :
सब कुछ ठीक रहा तो काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले बाबा का मंदिर बदला नजर आएगा। मंदिर प्रशासन का मानना है कि धाम का निर्माण कार्य पूरा होने काफी समय लगेगा। लिहाजा इससे पहले मंदिर के संरक्षण पर काम करा लिया जाए। आईआईटी की टीम ने मंदिर के मूल स्वरूप में बिना बदलाव किए क्या-क्या काम कराए जा सकते हैं, इस पर भी रिपोर्ट सौंपेगी।

तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के क्षरण की जांच करने के लिए आईआईटी रुड़की की टीम आई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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