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यूपी: आईआईटी बीएचयू, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन मिलकर बढ़ाएंगे ईवी तकनीक का शोध; तैयार होगा श्वेत पत्र

Sat, 19 Sep 2026 05:56 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आईआईटी बीएचयू और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) तकनीक के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए सहयोग पर सहमति जताई है। दोनों संस्थान संयुक्त शोध, अकादमिक सहयोग और नई तकनीक के विकास पर काम करेंगे। एडवांस्ड मैटेरियल्स के क्षेत्र में संयुक्त शोध टीम गठित होगी। इसके साथ ही श्वेत पत्र भी तैयार किया जाएगा।
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IIT BHU - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक वाहन और सतत परिवहन के क्षेत्र में आईआईटी बीएचयू ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध सहयोग की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। आठ सितंबर को अमेरिका के मिशिगन राज्य में आईआईटी बीएचयू और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन, एन आर्बर के बीच संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और अकादमिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। दोनों संस्थान ईवी तकनीक के साथ उन्नत सामग्रियों के क्षेत्र में भी मिलकर शोध करेंगे।

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आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के एसोसिएट डीन फॉर रिसर्च प्रो. टॉड एलन ने आठ सितंबर को यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन स्थित इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर (ईवीसी) में एमओयू पर हस्ताक्षर किए। 

आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर का दौरा किया। इस दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों और सतत परिवहन के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और अकादमिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रो. अमित पात्रा ने ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में आईआईटी बीएचयू में चल रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाकर इलेक्ट्रिक वाहन प्रणालियों के क्षेत्र में नए शोध और नवाचार को आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिलेंगे। 

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के साथ यह समझौता इलेक्ट्रिक वाहन और सतत परिवहन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग को विस्तार देगा। इससे नई तकनीकों के विकास, संयुक्त परियोजनाओं और शोधकर्ताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आईआईटी बीएचयू के विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष और सेंटर फॉर ट्रांसपोर्टेशनल ई-मोबिलिटी (सीटीईएम) के समन्वयक प्रो. राजीव कुमार सिंह ने दोनों संस्थानों के बीच चल रही दो स्वीकृत परियोजनाओं की जानकारी दी। साथ ही, आईआईटी बीएचयू में चल रही अन्य परियोजनाओं में भी यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में आईआईटी बीएचयू की ओर से डॉ. देबदीप भंडारी, डॉ. अबीर घोष, डॉ. उदिता घोष और डॉ. प्रद्युत धर ने ऑनलाइन भाग लिया।

एडवांस्ड मैटेरियल्स पर भी संयुक्त शोध
बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े अनुसंधान के अलावा उन्नत सामग्रियों (एडवांस्ड मैटेरियल्स) के क्षेत्र में सहयोग पर भी विशेष चर्चा हुई। दोनों संस्थानों ने संयुक्त शोध को आगे बढ़ाने के लिए एक मैटेरियल्स रिसर्च टीम गठित करने पर सहमति जताई। यह टीम दीर्घकालिक अनुसंधान की दिशा तय करने के साथ विस्तृत श्वेत पत्र तैयार करने की दिशा में भी काम करेगी। दोनों संस्थानों ने वर्तमान में स्वीकृत दो परियोजनाओं की प्रगति के साथ भविष्य में शुरू की जाने वाली नई परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। ईवी तकनीक और सतत परिवहन के क्षेत्र में संभावित सहयोग के अन्य क्षेत्रों की पहचान पर भी चर्चा हुई।
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प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
आईआईटी बीएचयू के प्रतिनिधिमंडल में निदेशक प्रो. अमित पात्रा, विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार सिंह, डीन (रिसोर्स एवं एल्युमनी) प्रो. हीरालाल प्रामाणिक, विशिष्ट पूर्व छात्र विष्णु नारायणन और वरिष्ठ पूर्व छात्र डॉ. श्री मिर्ले शामिल रहे। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की ओर से इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर के निदेशक प्रो. एलन टॉब, ईवीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. क्रिस्टोफ मैंगिन, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एसोसिएट डीन फॉर रिसर्च प्रो. टॉड एलन, प्रो. जेसन सीगल, प्रो. हीथ हॉफमैन और प्रो. अमित मिश्रा मौजूद रहे।
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