वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने ऐसी स्पोर्ट्स कार बनाई है जो न सिर्फ सड़क पर बल्कि दुर्गम राहों पर भी फर्राटा भरने में सक्षम है। रेगिस्तान, पथरीले रास्तों, गड्ढों और स्पीड ब्रेकर पर गुजरते समय झटके भी नहीं महसूस होंगे। पेट्रोल से चलने वाली इस कार की माइलेज 40 किलोमीटर प्रति लीटर है और रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे है।
सोसाइटी ऑफ ऑटोमोटिव इंजीनियर्स की ओर से इंदौर के पीतमपुर में 19 फरवरी से आयोजित कार रेसिंग कंपटीशन में हिस्सा लेने के लिहाज से बीटेक के 23 छात्रों ने मिलकर स्पोर्ट्स कार बनाई है। दो लाख रुपये खर्च करके तीन महीने की मेहनत से तैयार इस कार को छात्रों ने ‘स्पिटजनराइटर’ नाम दिया है। कार बनाने वाले छात्रों ने बताया इसका सस्पेंशन सिस्टम अत्याधुनिक है, जिससे ऊबड़-खाबड़
रास्ताें पर कार की रफ्तार कम करने की जरूरत नहीं पड़ती। स्पीड ब्रेकर और गड्ढों से गुजरते वक्त झटके भी नहीं महसूस होते। कार का ग्राउंड क्लियरेंस ऊंचा है, साथ ही इसके टायर मजबूत पकड़ वाले हैं। यही खूबियां कार को हर तरह के रास्ते में दौड़ने में सक्षम बनाती हैं।
आमतौर पर कोई कार गड्ढे में फंस जाती है पर तो उसे निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है लेकिन इस कार के साथ ऐसा नहीं है। छात्रों ने बताया कि इसका ब्रेकिंग मैकेनिज्म कुछ ऐसा बनाया गया है, जिससे एक पहिये को लॉक कर दूसरे पहिये की मदद से कार को आसानी से
गड्ढे से निकाला जा सकता है। यह रेसिंग कार है, इसलिए समय बचाने के लिए इसमें कोई गियर शिफ्टर नहीं दिया गया है। इसमें कस्टमाइज्ड सीवीटी (कंटीनिवस वैरिएबिलिटी ट्रांसमिशन) लगाया गया है, जिससे आटोमेटिक गियर चेंज होता है। 375 सीसी की इस इस कार में दस हार्स पावर का इंजन लगाया गया है।