लोटस का पूरा नाम - जापान सर्कुलेशन ऑफ टैलेंटेड यंग रिसर्चर्स इन साइंस है। चयनित भारतीय शोधार्थियों को जापान के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की लैब में ले जाया जाएगा।
लोटस कार्यक्रम भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय शोध सहयोग को मजबूत करेगा। प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों के वैश्विक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के लिए एक संयुक्त पहल है। यहां पर जापान के वैज्ञानिकों द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है। आईआईटी में प्रोफेसर-इन-चार्ज (अंतरराष्ट्रीय संबंध) प्रो. संतोष के. सिंह ने कहा कि भारत के प्रतिभाशाली शोधार्थियों को संयुक्त शोध गतिविधियों से जोड़ना है।
सात शोधार्थियों का चयन संस्थान की शोध उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण है। भारत–जापान के बीच वैज्ञानिक सहयोग नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। - प्रो. अमित पात्रा, निदेशक
चयनित शोधार्थी और उनके सुपरवाइजर
- रासायनिक अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विभाग के ज्ञानदीप और सुपरवाइजर डॉ. दिनेश भगवतुला।
- भौतिकी विभाग के जय नारायण मिश्रा और सुपरवाइजर प्रो. प्रभाकर सिंह।
- सिरेमिक अभियांत्रिकी विभाग के सोहम मुखर्जी और सुपरवाइजर प्रो. जॉयसूर्या बसु।
- फार्मास्युटिकल अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विभाग के जतिन और सुपरवाइजर डॉ. रजनीश।
- स्कूल ऑफ मैटेरियल्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शिवम पांडेय, सुपरवाइजर डॉ. श्रवण कुमार मिश्रा।
- सिरेमिक अभियांत्रिकी विभाग के राहुल तिवारी और सुपरवाइजर डॉ. पवन पुजार।
- सिविल अभियांत्रिकी विभाग की निशी सिंह और सुपरवाइजर डॉ. महेंद्र कुमार पाल।