राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देशभर के कई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों से 100 से ज्यादा नवाचार प्रस्ताव मिले। कड़ी मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद सिर्फ 26 नवाचारों को आईआईटी हैदराबाद में लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन के लिए चयनित किया गया। इनमें से आईआईटी बीएचयू का यह प्रोजेक्ट शीर्ष छह की फाइनल सूची में स्थान बनाने में सफल रहा। शीर्ष 6 टीमों ने खुद से तैयार तकनीक और आइडिया को एक स्पेशल जूरी पैनल के सामने प्रस्तुत किया। जूरी पैनल में प्रतिष्ठित टेक्नोक्रेट्स, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, आईएएस अधिकारी, नीति-निर्माता और कार्यान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल थे।
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नवाचार-संस्कृति, व्यावहारिक अनुसंधान पर फोकस
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा, इंटर-आईआईटी जैसे अत्यंत प्रतिस्पर्धी मंच पर शीर्ष पुरस्कार प्राप्त करना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता संस्थान की नवाचार-संस्कृति, व्यावहारिक अनुसंधान और युवा आंत्रप्रेन्योर को वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।